बाढ़ में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में खाली रह गई कुर्सियां, प्रचार-प्रसार को लेकर प्रशासन पर उठ रहे सवाल UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू हो मंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लास मुंगेर के स्कूल में बड़ी चोरी: ताले तोड़कर लाखों की संपत्ति को पहुंचाया नुकसान, निर्माण सामग्री भी किया गायब मुजफ्फरपुर में रामनवमी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी पटना लूट कांड का खुलासा: 20 लाख लूट मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तार पटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंध BIHAR: गांव के दबंगों ने दलित युवक को बेरहमी से पीटा, पुलिस से लगाई न्याय की गुहार Bihar News: गंगा में नहाने गए चार दोस्त… अचानक गहराई में समाए, दो की दर्दनाक मौत से गांव में मचा कोहराम
02-Nov-2025 06:21 PM
By FIRST BIHAR
Pankaj Tripathi Mother Death: बॉलीवुड से एक दुखद खबर सामने आई है। मशहूर अभिनेता पंकज त्रिपाठी की मां हेमवती देवी का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वे कुछ समय से अस्वस्थ थीं और शुक्रवार को बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंड स्थित परिवार के पुश्तैनी आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली।
त्रिपाठी परिवार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि “हमें यह बताते हुए अत्यंत दुख हो रहा है कि श्री पंकज त्रिपाठी की प्रिय माता, श्रीमती हेमवती देवी का शांतिपूर्वक स्वर्गवास हो गया है। उनका निधन शुक्रवार, 31 अक्टूबर को परिवार के गृह नगर बेलसंड, गोपालगंज (बिहार) में हुआ। उन्होंने अपने परिवारजनों के बीच नींद में ही अंतिम सांस ली। पंकज त्रिपाठी उस समय उनके पास ही मौजूद थे।”
परिवार के अनुसार, मां हेमवती देवी का अंतिम संस्कार शनिवार को बेलसंड में किया गया, जिसमें केवल करीबी रिश्तेदार, परिजन और मित्र शामिल हुए। त्रिपाठी परिवार ने इस कठिन समय में मीडिया और शुभचिंतकों से निजता बनाए रखने की अपील की है।
बयान में आगे कहा गया कि “त्रिपाठी परिवार इस गहरे दुख से गुजर रहा है। सभी से निवेदन है कि श्रीमती हेमवती देवी को अपनी प्रार्थनाओं और यादों में रखें और परिवार की निजता का सम्मान करें।” बता दें कि कुछ समय पहले पंकज त्रिपाठी के पिता का भी निधन हो गया था। एक किसान परिवार से आने वाले पंकज आज भी अपने गांव, माता-पिता और सादगी भरे बचपन को अपने जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं।