Rajya Sabha Election : इन 11 सीटों पर फंसा पेंच, बिहार-हरियाणा-ओडिशा में कड़ा मुकाबला; 16 मार्च को होगा सियासी मुकाबला बिहार में दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की मौत, रेल ट्रैक पार करने के दौरान गई जान बिहार में दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की मौत, रेल ट्रैक पार करने के दौरान गई जान 'स्कूल-कॉलेज और दफ्तरों के लिए तय किए 5 नियम; 4 दिन का होगा सप्ताह ...!', तेल संकट के बाद PM ने लिया बड़ा फैसला; जानिए क्या -क्या बदल गया 8 साल से इश्क का झांसा देकर SHO ने छात्रा के साथ किया यह काम, शादी पर आई बात तो कर दिया बड़ा कांड; जानिए क्या है पूरी कहानी BIHAR NEWS : नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व विधायक सतीश कुमार का निधन, निशांत कुमार ने दी श्रद्धांजलि Bihar News: एक रात में घर हो गया साफ: चोरों ने उड़ाए साढ़े तीन लाख कैश और सोने के जेवर Bihar News: CO भ्रम में न रहें...आज भी है और कल भी NDA की सरकार रहेगी, भड़के विजय सिन्हा ने हड़तालियों को हड़काया - मुक्ति नहीं मिलने वाली है.... Bihar crime news : 7 वर्षीय ऋषिकेश हत्याकांड का खुलासा, मां से एकतरफा प्यार में पागल पड़ोसी ने की निर्मम हत्या Bihar Politics : बिहार में कैसे शुरू हुई थी जनता के खातों में सीधे पैसा भेजने की व्यवस्था? अतीत की बहस से आज की सियासत तक; पढ़ें यह महत्वपूर्ण बातें
11-Oct-2025 12:06 PM
By First Bihar
PM Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) में कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों के कल्याण के लिए दो बड़ी योजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार ये योजनाएं सरकार की कृषि आत्मनिर्भरता, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और किसान कल्याण के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
मुख्य योजना ‘पीएम धन धान्य कृषि योजना’ है, जिसका कुल बजट 24,000 करोड़ रुपये है। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि, फसल विविधीकरण को बढ़ावा, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना और पंचायत एवं प्रखंड स्तर पर भंडारण सुविधाओं को सुदृढ़ करना है। इस योजना के तहत 100 चयनित जिलों में सिंचाई सुविधा और कृषि ऋण को किसानों के लिए और अधिक सुलभ बनाया जाएगा।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री 11,440 करोड़ रुपये के बजट से दालों की आत्मनिर्भरता मिशन की भी शुरुआत करेंगे। इस योजना के तहत दालों की उत्पादकता बढ़ाने, खेती के रकबे को विस्तार देने, मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने और किसानों के घाटे को कम करने पर जोर दिया जाएगा। इसका लक्ष्य देश को दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। साथ ही 815 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी गई। इन परियोजनाओं में बेंगलुरु और जम्मू-कश्मीर में कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण केंद्र, असम में IVF प्रयोगशाला (राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत), मेहसाणा, इंदौर और भीलवाड़ा में दूध पाउडर संयंत्र, तथा तेजपुर में मछली चारा संयंत्र (प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत) शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने प्राकृतिक खेती मिशन से जुड़े किसानों, MAITRI तकनीशियनों और पीएम किसान समृद्धि केंद्रों तथा CSC में परिवर्तित प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) को प्रमाण पत्र वितरित किए। इसके अलावा, मोदी ने दलहन की खेती से जुड़े किसानों से भी संवाद किया, जो विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। इस प्रकार यह कार्यक्रम न केवल नई परियोजनाओं और योजनाओं की शुरुआत का प्रतीक है, बल्कि किसानों के सशक्तिकरण और कृषि क्षेत्र के सतत विकास की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।
इस विशेष कार्यक्रम से स्पष्ट होता है कि सरकार कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में व्यापक निवेश कर रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण रोजगार सृजित होंगे और देश की कृषि आत्मनिर्भर बनेगी। पीएम मोदी का यह कदम भारतीय कृषि को आधुनिक तकनीक, बेहतर भंडारण एवं प्रसंस्करण सुविधा और वित्तीय सशक्तिकरण के माध्यम से मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।