ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Crime News: बिहार में JDU का पूर्व जिला प्रवक्ता गिरफ्तार, वैशाली पुलिस ने यहां से किया अरेस्ट; क्या है मामला? Bihar Crime News: जंगल में पेड़ से लटके दो नर कंकाल मिलने से सनसनी, ऑनर किलिंग की आशंका Bihar News: सकरी और रैयाम में जल्द खुलेंगे सहकारी चीनी मिल, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश Bihar News: सकरी और रैयाम में जल्द खुलेंगे सहकारी चीनी मिल, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश पटना में NEET छात्रा की मौत पर उबाल: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर महिला संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन की मांग पटना में NEET छात्रा की मौत पर उबाल: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर महिला संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन की मांग PM Awas Yojana Gramin: पीएम आवास योजना से बदली बिहार के गांवों की तस्वीर, 12 लाख परिवारों को मिलेगा अपना घर PM Awas Yojana Gramin: पीएम आवास योजना से बदली बिहार के गांवों की तस्वीर, 12 लाख परिवारों को मिलेगा अपना घर Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज माघ मेला में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने पर आभार सभा, संतों ने दिया सनातन संरक्षण का संदेश Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज माघ मेला में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने पर आभार सभा, संतों ने दिया सनातन संरक्षण का संदेश

Bihar News: तेजस्वी के भूमिहार कार्ड ने उड़ाई 'नीतीश' की नींद ! पूर्व MP अरूण कुमार की कैसे हो रही JDU में वापसी..जदयू में कल किस तरह की रही हलचल ? सबकुछ जानें...

तेजस्वी यादव के भूमिहार कार्ड से एनडीए में हलचल मच गई है. राजद में राहुल शर्मा की एंट्री के बाद जेडीयू में बेचैनी बढ़ी. डैमेज कंट्रोल के तहत नीतीश कुमार ने पूर्व सांसद अरुण कुमार को जेडीयू में शामिल करने का फैसला लिया है.

तेजस्वी यादव, भूमिहार कार्ड, अरुण कुमार, जेडीयू, नीतीश कुमार, राजद, बिहार राजनीति, मगध क्षेत्र, राहुल शर्मा, जगदीश शर्मा, बिहार चुनाव 2025

11-Oct-2025 12:00 PM

By Viveka Nand

Bihar News: तेजस्वी यादव के भूमिहार कार्ड से एनडीए कुनबा बेचैन है. खासकर भाजपा और जेडीयू की परेशानी बढ़ गई है. राजद के भूमिहार कार्ड का इफेक्ट ऐसा हुआ कि जिस जेडीयू ने पूर्व सांसद अरूण कुमार का रास्ता रोक दिया था, उन्हें आनन-फानन में दल में शामिल कराया जा रहा है. जिस जदयू ने अरूण कुमार की इंट्री बैन कर दिया था, अचानक हृदय परिवर्तन कैसे हुआ ? 10 अक्टूबर को क्या खेल हुआ, सब बता रहे हैं. 

तेजस्वी के प्रहार से बेचैन हुई नीतीश की पार्टी 

बताया जाता है कि जैसे ही नीतीश कुमार को इस बात की जानकारी हुई कि भूमिहार समाज के बड़े चेहरे जगदीश शर्मा ने अपने बेटे राहुल शर्मा को राजद में शामिल करा दिया. राजद घोषी विधानसभा से राहुल शर्मा को प्रत्याशी बना रही है. इसके बाद बेचैनी बढ़ गई. जेडीयू को लगा कि मगध क्षेत्र में अब भूमिहार समाज का कोई बड़ा चेहरा नहीं रहा. मगध में पार्टी भूमिहार नेता विहीन हो गई. जगदीश शर्मा और  राहुल के आरजेडी जॉइनिंग के बाद मगध क्षेत्र में किसी मजबूत भूमिहार नेता की कमी ने अरुण कुमार की राह आसान बना दिया । अरुण कुमार के बारे में लोग जानते हैं कि वह एक जमीनी नेता हैं और मगध क्षेत्र में अभी भी उनका प्रभाव शेष है । राजद के ऑपरेशन भूमिहार का प्रभाव कम करने को लेकर जेडीयू ने तत्काल डैमेज कंट्रोल शुरू किया. नेतृत्व की नजर अरूण कुमार पर पड़ी. इसके बाद नीतीश कुमार ने अपने नेताओं को निर्देश दिया कि वे तुरंत अरूण कुमार को पार्टी में शामिल कराएं. बॉस का आदेश मिलते ही दूसरे दर्जे के नेता सक्रिय हुए। बताया जाता है कि जेडीयू की तरफ से नीतीश कुमार के विश्वासपात्र मंत्री विजय चौधरी ने पूर्व सांसद अरूण कुमार से संपर्क स्थापित किया और पार्टी में शामिल कराने का प्रस्ताव रखा. पूर्व सांसद ने प्रस्ताव को स्वीकार किया. इस तरह से अरूण कुमार की 11 अक्टूबर को जेडीयू में वापसी की तारीख तय कर दी गई। 

4 सितंबर को जेडीयू में शामिल का था कार्यक्रम..अचानक रोक दिया गया था 

इसके पहले 4 सितंबर 2025 को जहानाबाद के पूर्व सांसद व भूमिहार चेहरा अरूण कुमार की जनता दल (यू) में जॉइनिंग होनी थी. नीतीश कुमार की हरी झंडी मिलने के बाद बजाप्ता तारीख का ऐलान हुआ और मिलन समारोह का न्योता दिया गया था. खबर मीडिया में आई. इसी बीच 3 सितंबर की रात को जदयू के एक तेजतर्रार स्वजातीय प्रवक्ता द्वारा अरुण कुमार ,आनंद मोहन और वशिष्ठ नारायण सिंह के साथ डाले गए फोटो ने तहलका मचा दिया. फिर क्या था...रातों-रात अरुण कुमार के विरोधी सक्रिय हो गए. अगले दिन सुबह होते-होते उनकी जॉइनिंग रद्द कर दी गई। आधिकारिक तौर पर कहा गया था कि अपरिहार्य कारणों से मिलन समारोह स्थगित की जाती है. पार्टी सूत्रों से पता चला की अरुण कुमार की जदयू में वापसी रोकने में इनके ही स्वजातीय बड़े नेता ने खेल कर दिया. लिहाजा ऐन वक्त पर इंट्री पर रोक लगा दी गई. 

नीतीश कुमार की हरी झंड़ी के बाद ही 4 सितंबर को तय हुई थी तारीख 

अरूण कुमार की जेडीयू में वापसी के लंबे समय से कयास लगाये जा रहे थे.अरूण कुमार की 4 सितंबर को जेडीयू में वापसी के पीछे काफी दिनों का प्रयास रंग लाया था. इसके लिए इनके स्वजातीय प्रवक्ता ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था. उन्होंने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को पहले इसके लिए तैयार कराया. कई दरवाजों पर जाकर अरूण कुमार के पक्ष में लामबंदी की. इसके अलावा मुख्यमंत्री को अलग-अलग नेताओं से आश्वस्त करवाने तक में पर्दे के पीछे उनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका थी . शीर्ष नेतृत्व में वशिष्ठ नारायण सिंह , आनंद मोहन और विजय चौधरी इन तीनों ने अरुण कुमार के पक्ष में निर्णायक भूमिका अदा की.पार्टी कार्यालय से जुड़े पहली बार बने विधान पार्षद की भी अरुण कुमार की घर वापसी कराने में सूत्रधार की भूमिका अदा की थी .

हालांकि पिछले तीन-चार दिनों में जेडीयू के भीतर के सत्ता समीकरण में अचानक क्रांतिकारी बदलाव आया है. अरुण कुमार का जदयू में आना आश्चर्यजनक राजनैतिक घटनाक्रम है. बताया जाता है कि नीतीश कुमार की सहमति के बाद ही 4 सितंबर को अरूण कुमार की जेडीयू में वापसी हो रही थी.लेकिन अचानक गेट बंद कर दिया गया. जानकार बताते हैं कि पार्टी के इस निर्णय से राष्ट्रीय अध्यक्ष खुश नहीं थे. जैसे ही लगा कि अब कठोर निर्णय लेने की जरूरत है, उन्होंने अरूण कुमार को जेडीयू में शामिल कराने का फरमान जारी कर दिया. नेता के निर्णय के बाद सारे विरोधी शांत हो गए. इस तरह से अरूण कुमार की वापसी का रास्ता साफ हुआ. सबसे महत्वपूर्ण पहलू है कि अब नीतीश कुमार के पुराने अवतार में वापसी से उनका क्या होगा जिन्होंने इस अवधि में उनकी तथाकथित निष्क्रियता का फायदा उठाकर गड़बड़ झाला किया था ।