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09-Nov-2025 04:59 PM
By First Bihar
Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होनी है। इस चरण के मतदान को लेकर राज्य के सभी जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसी बीच पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां चुनाव ड्यूटी के लिए भेजे गए दस पुलिसकर्मी अब तक अपनी तैनाती स्थल पर नहीं पहुंचे हैं। इस गंभीर लापरवाही के चलते पटना पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनका वेतन रोकने और निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश जारी कर दिया है।
3429 पुलिसकर्मियों को भेजा गया था चुनाव ड्यूटी पर
बिहार पुलिस मुख्यालय ने 25 अक्टूबर को एक आदेश जारी किया था, जिसमें पटना जिला पुलिस बल से कुल 3429 हवलदार और सिपाहियों को बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की ड्यूटी के लिए विभिन्न जिलों में भेजा गया था। यह पुलिस बल सुरक्षा, कानून व्यवस्था बनाए रखने और मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए तैनात किए गए थे।
इनमें से 1153 पुलिसकर्मियों को सीतामढ़ी, 577 को गया, 49 को शिवहर, 578 को भागलपुर, 308 को जमुई, 67 को अरवल और 697 पुलिसकर्मियों को नवादा जिले के लिए भेजा गया था। चुनाव आयोग और पुलिस मुख्यालय ने यह स्पष्ट निर्देश दिया था कि सभी पुलिसकर्मी अपने-अपने ड्यूटी स्थल पर तय समय सीमा के अंदर रिपोर्ट करें, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई न रह जाए।
10 पुलिसकर्मी अब तक नहीं पहुंचे ड्यूटी पर
हालांकि, अब यह सामने आया है कि सीतामढ़ी जिले के लिए भेजे गए 1153 पुलिसकर्मियों में से 10 पुलिसकर्मी अब तक अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे हैं। इस मामले को गंभीर मानते हुए पटना पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की है। जिन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की है, उनके नाम हैं — रविकांत निर्ज, संजय कुमार, अमित कुमार, नेहा कुमारी, नीलम कुमारी, सपना कुमारी, स्मिता कुमारी, निशा कुमारी, रूबी कुमारी और चित्रा चंद्रवंशी।
एसएसपी ने सभी की वेतन भुगतान पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि इनके खिलाफ निलंबन, विभागीय जांच और प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।
चुनाव ड्यूटी से गायब रहना गंभीर अपराध
चुनाव ड्यूटी से अनुपस्थित रहना सरकारी सेवा नियमों के तहत गंभीर अनुशासनहीनता मानी जाती है। चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार, ड्यूटी से गायब रहने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें निलंबन, वेतन रोकना, और एफआईआर दर्ज करना शामिल है।
पुलिस मुख्यालय ने इस पूरे मामले पर पटना एसएसपी से रिपोर्ट मांगी है। बताया जा रहा है कि अगर ये पुलिसकर्मी जल्द अपनी ड्यूटी पर नहीं लौटे, तो इनके खिलाफ विभागीय स्तर पर और कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
सख्ती का संदेश पूरे पुलिस बल को
बिहार पुलिस की इस कार्रवाई को चुनावी सुरक्षा को लेकर सरकार की सख्ती के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव के समय किसी भी तरह की ढिलाई या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरक्षा बलों की तैनाती, उनकी हाजिरी और ड्यूटी समय को लेकर इस बार विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, पटना पुलिस ने सभी थानों को निर्देश दिया है कि जिन कर्मियों को चुनाव ड्यूटी के लिए भेजा गया है, वे अपने-अपने स्थल से लगातार संपर्क में रहें और समय पर रिपोर्ट करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर भविष्य में किसी अन्य जिले में तैनात कर्मी बिना अनुमति अनुपस्थित पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
ड्यूटी में लापरवाही पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
बिहार में विधानसभा चुनाव जैसे बड़े आयोजन के दौरान प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई गई है। पुलिस और प्रशासन दोनों ही किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता पर तुरंत कार्रवाई के मूड में हैं। राज्य पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि ड्यूटी से गायब रहने वाले पुलिसकर्मी न केवल अपने कर्तव्य का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया की सुरक्षा को भी खतरे में डाल रहे हैं। ऐसे में इन पर सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि अन्य कर्मियों के लिए यह एक उदाहरण बन सके।
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की तैयारियों के बीच यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी के रूप में आई है। सीतामढ़ी भेजे गए इन 10 पुलिसकर्मियों की गैरहाजिरी से यह स्पष्ट संदेश गया है कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन चुनाव सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।