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12-Oct-2025 07:28 AM
By First Bihar
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी अब पूरी रफ्तार पकड़ चुकी है। चुनाव आयोग ने पहले चरण के मतदान को लेकर सभी 18 जिलों में ईवीएम (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) मशीनों का विधानसभावार आवंटन कर दिया है। शनिवार को आयोग के निर्देश पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी की मौजूदगी में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सामने सभी 121 विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रथम रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया पूरी की गई। यह प्रक्रिया ईएमएस सॉफ्टवेयर (EMS Software) के माध्यम से की गई, जो भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों और विधियों पर आधारित है।
प्रथम रैंडमाइजेशन के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए मशीनों का निष्पक्ष और पारदर्शी आवंटन सुनिश्चित किया गया। जिलाधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने इस सूची पर हस्ताक्षर किए और इसे दलों के जिला कार्यालयों में उपलब्ध करा दिया गया। इसी सूची के अनुसार जिलाधिकारी द्वारा संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाची पदाधिकारियों को चुनाव के लिए आवश्यक ईवीएम और वीवीपैट मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके बाद सभी मशीनों को स्ट्रांग रूम में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सुरक्षित रखा जाएगा।
जैसे ही चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होगी, वैसे ही प्रथम रैंडमाइजेशन में चयनित मशीनों की सूची उम्मीदवारों को भी दी जाएगी। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी प्रकार की शंका की गुंजाइश नहीं रहेगी।
पहला चरण : 18 जिलों की 121 सीटें
पहले चरण के चुनाव में 18 जिलों की कुल 121 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। इनमें शामिल हैं मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर। इन जिलों में रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अब अगला चरण इन मशीनों की सुरक्षा एवं प्रशिक्षण की तैयारी पर केंद्रित है।
दूसरा चरण : 20 जिलों की 122 सीटें
दूसरे चरण के लिए बची हुई 20 जिलों में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का प्रथम रैंडमाइजेशन 13 अक्टूबर को किया जाएगा। इन जिलों में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, नवादा, गया, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर शामिल हैं।
इस चरण में कुल 122 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। आयोग की कोशिश है कि सभी जिलों में समय पर फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) और रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाए ताकि मतदान के दिन किसी भी तरह की तकनीकी दिक्कत न आए।
पटना जिले में ईवीएम और वीवीपैट की व्यवस्था
राजधानी पटना जिले में कुल 5,677 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसके लिए उतनी ही संख्या में 5,677 बैलेट यूनिट (BU), 5,677 कंट्रोल यूनिट (CU) और 5,677 वीवीपैट मशीनों की आवश्यकता है। चुनाव आयोग के मानक के अनुसार, अतिरिक्त रिजर्व के रूप में 20% बीयू, 20% सीयू और 30% वीवीपैट भी रखे जाते हैं। इस हिसाब से पटना जिले में कुल 6,808 बीयू, 6,808 सीयू और 7,374 वीवीपैट मशीनों की जरूरत होगी।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी के अनुसार, पटना जिले में 12,886 बीयू, 7,439 सीयू और 8,025 वीवीपैट मशीनें पहले से उपलब्ध हैं। इन सभी मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग पूरी कर ली गई है और योग्य मशीनों को रैंडमाइजेशन प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
रैंडमाइजेशन की पूरी प्रक्रिया राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में की गई ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे। मशीनों को संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में भेजने से पहले उन्हें स्ट्रांग रूम में सील कर सुरक्षित रखा गया है।
चुनाव आयोग की सख्त निगरानी
भारत निर्वाचन आयोग ने इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में पारदर्शिता और तकनीकी त्रुटि रहित मतदान सुनिश्चित करने के लिए कई सख्त मानक लागू किए हैं। ईवीएम और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग से लेकर रैंडमाइजेशन तक हर कदम पर राजनीतिक दलों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। साथ ही, जिलों में डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम और लाइव रिकॉर्डिंग के जरिए पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है
बिहार में विधानसभा चुनाव का माहौल अब पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुका है। पहले चरण की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है, जबकि दूसरे चरण की प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है। ईवीएम और वीवीपैट के पारदर्शी आवंटन के साथ चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि इस बार बिहार में निष्पक्ष, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत चुनाव कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।