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10-Oct-2025 04:10 PM
By First Bihar
Anant Singh : मोकामा के बाहुबली नेता और पूर्व विधायक अनंत सिंह को पहले चरण के विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी राहत मिली है। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होना है, और आज से पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। पहले चरण में राज्य की कुल 121 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है, जिसमें पटना, मोकामा, बाढ़ समेत अन्य प्रमुख सीटें शामिल हैं। जानकारी के अनुसार अनंत सिंह 14 अक्टूबर से मोकामा से नामांकन करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, फिलहाल इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस समय अनंत सिंह के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि उन्हें धमकी देने के एक मामले में जमानत मिल गई है। जानकारी के अनुसार, मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह ने गुरुवार को सांसद-विधायक से जुड़े आपराधिक मामलों की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में हुई, जहां अदालत ने मोबाइल फोन पर गाली-गलौज करने के आरोप में उन्हें जमानत दे दी।
अनंत सिंह के वकील सुनील कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला पटना हाईकोर्ट के एक वकील को फोन पर गाली-गलौज करने से जुड़ा था। अदालत ने जांच के बाद आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जमानत पर मुक्त करने का आदेश दिया। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आरोप लगाने वाले व्यक्ति ने जेल में बंद अनंत सिंह की कथित संलिप्तता बताई थी, लेकिन अदालत ने जमानती प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें राहत प्रदान की।
वहीं, राजनीतिक और कानूनी गलियारों में यह भी चर्चा है कि रंगदारी मांगने के एक अन्य मामले में भी पूर्व विधायक अनंत सिंह और राजद प्रवक्ता श्रवण कुमार उर्फ बंटू सिंह के बयान आरोपी के रूप में दर्ज किए गए हैं। दोनों नेताओं ने सभी आरोपों से इंकार किया है और अपने खिलाफ लगे आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। इस मामले में भी कानूनी प्रक्रिया जारी है, लेकिन फिलहाल अनंत सिंह के नामांकन की राह आसान होती नजर आ रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मोकामा क्षेत्र में अनंत सिंह की छवि और पकड़ अभी भी मजबूत है। उनके खिलाफ आपराधिक मामले और रंगदारी के आरोपों के बावजूद उनकी राजनीतिक संभावनाएं कम नहीं हुई हैं। ऐसे में पहले चरण के मतदान से पहले उनकी जमानत और संभावित नामांकन उन्हें एक बड़ी राजनीतिक ताकत बनाती है।
अनंत सिंह के समर्थकों का कहना है कि उनकी रिहाई और जमानत से क्षेत्र में चुनावी रणनीति और सक्रियता बढ़ सकती है। वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि आपराधिक मामलों में घिरे नेताओं का चुनावी मैदान में आना चिंता का विषय है। राजनीतिक माहौल में यह देखा जाना बाकी है कि अनंत सिंह का नामांकन और उनकी सक्रियता चुनाव परिणाम पर किस तरह असर डालती है।
समग्र रूप से देखा जाए तो मोकामा के पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह की यह जमानत उन्हें पहले चरण के चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने की अनुमति देती है। आगामी 6 नवंबर को मतदान होने वाला है, और उससे पहले 14 अक्टूबर से अनंत सिंह के नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। राजनीतिक हलकों में इस घटना को लेकर काफी चर्चा है और यह माना जा रहा है कि यह उनकी चुनावी संभावनाओं को और मजबूत कर सकती है।