पटना में डॉक्टर से मांगी 10 लाख रुपये की रंगदारी, पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी पटना में डॉक्टर से मांगी 10 लाख रुपये की रंगदारी, पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी चलती बाइक में अचानक धमाका… देखते ही देखते धधक उठी आग, युवक ने कूदकर बचाई जान पटना पहुंचा BSRTC का 32 नई डीलक्स बसों का बेड़ा, दिल्ली समेत इन राज्यों की यात्रा होगी आसान पटना पहुंचा BSRTC का 32 नई डीलक्स बसों का बेड़ा, दिल्ली समेत इन राज्यों की यात्रा होगी आसान बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इस दिन तक हो जाएगा क्लियर, मनोज तिवारी ने दिया बड़ा अपडेट बिहार में आज से फिर गरजेगा बुलडोजर: अतिक्रमण के खिलाफ शुरू होगा महा-अभियान, सरकार ने सभी DM को जारी किया आदेश बिहार में आज से फिर गरजेगा बुलडोजर: अतिक्रमण के खिलाफ शुरू होगा महा-अभियान, सरकार ने सभी DM को जारी किया आदेश पटना में महिला के साथ ऑटो में सामूहिक दुष्कर्म, खाना बनाने के बहाने बुलाकर की हैनानियत पटना में महिला के साथ ऑटो में सामूहिक दुष्कर्म, खाना बनाने के बहाने बुलाकर की हैनानियत
19-May-2025 02:54 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Crime News: बिहार पुलिस एक बार फिर अपने कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में है। इस बार मामला पश्चिम चंपारण के बेतिया से सामने आया है, जहां पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को हथकड़ी लगाकर न्यायालय में पेश कर दिया, जिसे पहले ही कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी थी।
घटना साठी थाना कांड संख्या 259/24 से जुड़ी है, जिसमें मोटी साह और रमेश महतो नामक आरोपियों को एक जानलेवा हमले के मामले में न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल चुकी थी। बावजूद इसके, अनुसंधानकर्ता अमरजीत कुमार ने दोनों को 16 मई 2025 को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया।
जब यह मामला प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी ईशा राज के समक्ष पहुंचा, तो उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही और मनमानी करार दिया। न्यायालय ने अनुसंधानकर्ता अमरजीत कुमार से स्पष्टीकरण मांगते हुए यह जानना चाहा है कि जब अभियुक्तों ने जमानत का आदेश उपलब्ध कराया था और यह आदेश नेट पर भी मौजूद था, तब उन्हें किस आधार पर गिरफ्तार किया गया।
कोर्ट के सूत्रों के अनुसार, एडीजे तृतीय द्वारा 13 मई 2025 को आरोपियों को अग्रिम जमानत देते हुए आदेश दिया गया था कि वे एक माह के भीतर आत्मसमर्पण करें। इस आदेश की जानकारी आईओ को दी गई थी, इसके बावजूद उन्होंने आदेश की अनदेखी कर गिरफ्तारी की। अब इस मामले में जांचकर्ता अमरजीत कुमार पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। न्यायालय ने उन्हें एसपी के माध्यम से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।