पटना में महिला के साथ ऑटो में सामूहिक दुष्कर्म, खाना बनाने के बहाने बुलाकर की हैनानियत पटना में महिला के साथ ऑटो में सामूहिक दुष्कर्म, खाना बनाने के बहाने बुलाकर की हैनानियत बिहार में भी हाईवे पर एयरक्राफ्ट उतरने की तैयारी, इन तीन सड़कों पर ELF की सुविधा होगी बहाल बिहार में भी हाईवे पर एयरक्राफ्ट उतरने की तैयारी, इन तीन सड़कों पर ELF की सुविधा होगी बहाल देशभर में 1 अप्रैल से नए नियम लागू: ATM, टैक्स, LPG और रेलवे टिकट समेत 8 बड़े बदलाव, जानिए.. क्या होगा असर? देशभर में 1 अप्रैल से नए नियम लागू: ATM, टैक्स, LPG और रेलवे टिकट समेत 8 बड़े बदलाव, जानिए.. क्या होगा असर? बिहार में मौसम का बड़ा बदलाव: आंधी-बारिश के बाद अब बढ़ेगी गर्मी, पारा 40 डिग्री पार जाने का अलर्ट बिहार में मौसम का बड़ा बदलाव: आंधी-बारिश के बाद अब बढ़ेगी गर्मी, पारा 40 डिग्री पार जाने का अलर्ट पटना में आज से नए नियम लागू: अब कचरा अलग-अलग देना अनिवार्य, सौ से अधिक लोगों के आयोजन पर देनी होगी जानकारी पटना में आज से नए नियम लागू: अब कचरा अलग-अलग देना अनिवार्य, सौ से अधिक लोगों के आयोजन पर देनी होगी जानकारी
23-Jun-2025 06:47 PM
By First Bihar
BETTIAH: पश्चिम चंपारण जिले के DM धर्मेन्द्र कुमार के नाम से फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने और ठगी की कोशिश किये जाने का मामला सामने आया है। इस तरह की शिकायतें जैसे ही जिलाधिकारी के पास पहुंची उन्होंने तुरंत संज्ञान लेते हुए साइबर थाना को मामले की जानकारी दी और जांच के आदेश दिए।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक फर्जी फेसबुक अकाउंट सक्रिय है, जिसमें डीएम धर्मेन्द्र कुमार का नाम और उनकी असली तस्वीर लगाई गई है। इस अकाउंट से कई लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा गया है।ऐसी आशंका जताई जा रही है कि इसका इस्तेमाल कर लोगों से पैसे या संवेदनशील जानकारी मांगने की साजिश की जा रही थी। डीएम ने बताया की ऐसे कृत्य में शामिल लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यह एक आपराधिक प्रवृत्ति का मामला है और आईटी एक्ट के तहत यह दंडनीय अपराध है।
जिलाधिकारी ने साइबर थाने को इस फर्जी आईडी की पूरी जांच करने और दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। डीएम धर्मेंद्र कुमार ने लोगों से अपील की है कि वो इस तरह की फर्जी फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और कोई भी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। यदि ऐसी कोई गतिविधि दिखे, तो तुरंत साइबर थाना या प्रशासन को सूचित करें।
यह कोई पहला मामला नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पुलिस अफसरों के नाम से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर लोगों को गुमराह करने और ठगी करने के कई मामले देशभर में सामने आते रहे हैं। इन फर्जी प्रोफाइलों के जरिए लोग पहले भरोसा जीतते हैं, फिर कभी जरूरतमंद बताकर पैसे मांगते हैं या किसी लिंक पर क्लिक करवाने का प्रयास करते हैं, जिससे मोबाइल या सिस्टम हैक भी हो सकता है।
फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जिला पदाधिकारी या किसी अन्य अधिकारी की ओर से कोई औपचारिक संवाद नहीं किया जाता है। आधिकारिक जानकारी केवल सरकारी वेबसाइट या अधिकृत माध्यमों से ही दी जाती है। इधर जिला जनसम्पर्क कार्यालय की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे साइबर अपराधियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें कानूनी शिकंजे में लाया जाएगा।
बेतिया से संतोष कुमार की रिपोर्ट