PAN और Aadhaar में नाम अलग है? 1 अप्रैल के बाद हो सकती है बड़ी परेशानी—तुरंत करें अपडेट वरना बंद हो सकता है आपका PAN! Bihar News : रामनवमी जुलूस के चलते पटना में ट्रैफिक डायवर्जन, घर से निकलने से पहले जान लें रूट Bihar Crime : पटना में बच्चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, 5 राउंड फायरिंग और पथराव से गांव में तनाव Ram Navami Patna : पटना में रामनवमी का महासागर! 52 शोभायात्राएं, 7 लाख श्रद्धालुओं की उमड़ेगी भीड़; जानिए इस बार क्या होगा ख़ास Bihar News : बिहार में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर! जानिए विराट रामायण मंदिर की 10 बड़ी खासियत; इस समय तक तैयार होगा मेगा प्रोजेक्ट Patna Airport : अब पटना एयरपोर्ट पर नहीं होगी भागदौड़! यात्रियों को जल्द मिलेगी यह सुविधाएं; जानिए क्या है प्लान Ram Navami : जय श्री राम के नारों से गूंजा पटना का महावीर मंदिर, रामनवमी के मौके पर 1 KM लंबी लाइन:नितिन नवीन ने किया दर्शन बेलगाम ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा को मारी टक्कर, रामनवमी ड्यूटी से घर लौट रही दो महिला सिपाही घायल मुजफ्फरपुर में बेलगाम ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा, टायर मिस्त्री की मौत, साथी की हालत गंभीर बेगूसराय सदर अस्पताल में बड़ी लापरवाही, कटे अंग को कचरे में फेंकने पर 2 कर्मी निलंबित
05-Feb-2026 01:54 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Crime News: पटना के दानापुर और शेखपुरा जिले में सक्रिय साइबर ठग गिरोह का आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने भंडाफोड़ किया है। पूछताछ में पता चला कि गिरोह आम लोगों को तत्काल लोन दिलाने और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी कर रहा था।
जांच में सामने आया कि दानापुर और रूपसपुर में संचालित कॉल सेंटरों ने पिछले चार वर्षों में लगभग 500 लोगों से करीब एक करोड़ रुपये की ठगी की। शेखपुरा जिले में भी एप के माध्यम से तत्काल लोन दिलाने का झांसा देकर सैकड़ों लोगों की कमाई लूट ली गई।
ईओयू की टीम ने शेखपुरा और पटना में छापेमारी कर इस रैकेट में शामिल 27 लोगों को गिरफ्तार किया। साथ ही दो दर्जन स्मार्टफोन, 25 की-पैड मोबाइल, 19 लैपटॉप, 27 हार्ड डिस्क, डेढ़ दर्जन फर्जी सिम कार्ड, वाईफाई राउटर और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। तकनीकी जांच के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।
दानापुर और रूपसपुर के कॉल सेंटरों ने गूगल और अन्य स्रोतों से नागरिकों के मोबाइल नंबर इकट्ठा किए और फर्जी कॉल के माध्यम से मोबाइल रिचार्ज, रेल-हवाई टिकट बुकिंग, आधार अपडेट और डिजिटल सेवाओं का झांसा दिया। राशि लेने के बाद पीड़ितों से सभी संपर्क समाप्त कर दिए जाते थे। गिरोह में प्रत्येक सदस्य की अलग भूमिका थी; मुख्य सरगना संचालन और धन लेन-देन नियंत्रित करता था, जबकि महिला कर्मियों का उपयोग विश्वास बनाने के लिए किया जाता था।
शेखपुरा जिले में ठग मोबाइल कॉल, मैसेज और अन्य डिजिटल माध्यम से तत्काल लोन का प्रलोभन देकर प्रोसेसिंग फीस, केवाईसी चार्ज और अन्य शुल्क ऑनलाइन ले लेते थे। भुगतान मिलने के बाद पीड़ितों को कोई सेवा नहीं दी जाती और उनके मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए जाते।
ईओयू ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अवैध ऑनलाइन नौकरी, कॉल, डिजिटल ऑफर या लोन ऑफर के झांसे में न आएं और ऐसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या साइबर पुलिस को दें।