CHAPARA: छपरा में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। कल सोमवार को एकमा में डकैती की घटना के बाद आज मंगलवार को छपरा शहर में दोहरे हत्याकांड ने इलाके को दहला दिया। देर शाम शहर के उमा नगर इलाके में अज्ञात अपराधियों ने गोदरेज व्यवसायी अमरेंद्र सिंह और उनके मित्र शंभू सिंह को सरेआम गोली मार दी। घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों को गंभीर हालत में छपरा सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


मृतक अमरेंद्र सिंह न सिर्फ एक व्यवसायी थे, बल्कि समाजसेवा में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। वे छपरा रोटरी क्लब के अध्यक्ष थे और पूर्व में महापौर पद का चुनाव भी लड़ चुके थे। समाजिक संगठनों से जुड़े होने के कारण उनकी एक प्रतिष्ठित पहचान थी। सूत्रों के अनुसार, अमरेंद्र सिंह जमीन के खरीद-बिक्री के काम में भी सक्रिय थे, और इसी से जुड़ी कुछ पुरानी रंजिश इस हत्याकांड के पीछे हो सकती है।


पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। लेकिन सवाल उठता है कि छपरा जैसे व्यस्त इलाके में इस तरह की वारदात को अंजाम देना क्या यह नहीं दर्शाता कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं? क्या पुलिस-प्रशासन की पकड़ इतनी ढीली हो चुकी है कि अपराधी दिनदहाड़े हत्या कर फरार हो जाते हैं?


फिलहाल यह हत्याकांड पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा, लेकिन यह देखना होगा कि जांच कितनी प्रभावी होती है और अपराधियों तक कब तक पहुंचा जाता है।