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30-May-2025 03:00 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बिहार के नवादा में अदालत ने एक डीएसपी के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी कर दिया है और एसपी को आदेश दिया है कि डीएसपी को अरेस्ट कर कोर्ट के सामने पेश किया जाए। कोर्ट के इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
दरअसल, पूरा मामला साल 2020 का है। शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के कबीरपुर गांव में हेमंत उर्फ विकास कुमार की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। तब इस केस की जांच डीएसपी कल्याण आनंद ने की थी। उन्होंने केस दर्ज करने के बाद जांच की कमान संभाली, साक्ष्य जुटा और केस तैयार किया लेकिन जब कोर्ट में आकर गवाही देने की बारी आई तो वह कोर्ट में नहीं पहुंचे और लगातार गैरहाजिर रहे।
इस मामले को चार साल बीत गए लेकिन डीएसपी कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुए। कोर्ट की तरफ से कई बार समन फेजा गया लेकिन न तो वह अदालत के सामने पेश हुए और ना ही कोई जवाब ही दिया। जिसके कारण केस की सुनवाई बाधित होती रही और पीड़ित को न्याय मिलने में देरी होती रही। डीएसपी की इस लापरवाही पर आखिरकार कोर्ट के धैर्य ने जबाव दे दिया और अदालत ने सख्त रूख अपना लिया।
प्रधान जिला जज पवन कुमार पांडेय ने नवादा को एसपी को स्पष्ट आदेश दिया है कि डीएसपी कल्याण आनंद को गिरफ्तार कर कोर्ट में प्रस्तुत करें। लोक अभियोजक उदय नारायण सिन्हा और अपर लोक अभियोजक शंभू शरण प्रसाद सिंह ने बताया कि यह मामला लंबे समय से सिर्फ कल्याण आनंद की गवाही के अभाव में लंबित पड़ा हुआ है जबकि अन्य सरकारी गवाह कोर्ट में अपना बयान दर्ज करा चुके हैं। कोर्ट के सख्त रूख के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।