मुंगेर में ONLINE ट्रेडिंग के नाम पर ठगी, युवक ने गंवाए 11.69 लाख रुपये परिवहन विभाग के ESI को पुलिस ने किया गिरफ्तार, चेक पोस्ट पर वसूली की शिकायत पर SP ने कराया अरेस्ट मुंगेर में गैस की कालाबाजारी पर कार्रवाई, छापेमारी के दौरान 13 डोमेस्टिक सिलेंडर जब्त विवेका पहलवान की पुण्यतिथि पर 3 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय महा दंगल, आयोजन स्थल का जायजा लेने पहुंचे अनंत सिंह Bihar News: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र को भी धनवान बना दिया, छह ठिकानों पर रेड में जमीन के 25 डीड मिले, चाय बगान से लेकर नर्सिंग होम और भी बहुत कुछ.... सुकृष्णा कॉमर्स एकेडमी का कार्यक्रम: ‘प्रतिभा सम्मान समारोह सह ओरिएंटेशन प्रोग्राम 2026’ का भव्य आयोजन “तुमसे सुंदर तो मेरी कामवाली है…” SHO का महिला के साथ अभद्र व्यवहार, वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप मुजफ्फरपुर: सादे लिबास में पुलिस की पैनी नजर, हथियार सहित युवक गिरफ्तार बिहार में अपराधियों का तांडव जारी: ऑटो चालक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या मुंगेर में करोड़ों की लागत से बना विद्युत शवदाह गृह बंद, लोग खुले में अंतिम संस्कार करने को मजबूर
28-Jan-2026 03:10 PM
By First Bihar
DESK: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मंगुराहा वनप्रक्षेत्र के जंगलों से भटक कर निकला एक बाघ मानपुर थाना क्षेत्र के पुरैनिया गांव के पश्चिम सरेह स्थित गेहूं के खेत में मृत पाया गया। खेत में बाघ का शव मिलने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
ग्रामीणों ने जब खेत में बाघ को देखा तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच-पड़ताल शुरू की। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि फसल की सुरक्षा के लिए किसान द्वारा लगाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से बाघ को करंट लगा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, इस संबंध में वन विभाग या प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बाघ की मौत को संदिग्ध परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
जांच के बाद मृत बाघ के शव को कब्जे में लेकर मंगुराहा वनप्रक्षेत्र कार्यालय ले जाया गया, जहां विधि-सम्मत प्रक्रिया के तहत उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही बाघ की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। गौरतलब है कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे गांवों में अक्सर जंगली जानवरों के भटक कर आबादी वाले इलाकों में पहुंचने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।