घर के बाहर खेल रही चार साल की मासूम को मारी गोली, सिर के आर-पार हुई बुलेट; हालत नाजुक बिहार के तीन लापरवाह थानेदार पर गिरी गाज, एसपी ने ले लिया बड़ा एक्शन; पुलिस महकमे में मचा हड़कंप Bihar News : पटना में अब घर बैठे मिलेगी जिंदा मछली! 10 जगहों पर खुलेंगे मॉडर्न फिश आउटलेट, देखें पूरी लिस्ट Amazon Parcel Scam : Amazon पार्सल में शराब का खेल! मछली दाना के नाम पर 314 लीटर तस्करी का खुलासा; पढ़िए पूरी खबर Bihar Accident : शराब लदी कार का कहर! दुकान खोल रहे बुजुर्ग को रौंदा, मौत के बाद ग्रामीणों ने किया सड़क जाम Bihar crime news : बिहार में खौफनाक वारदात! सरेराह दो राहगीरों को मारी 5 गोली, खून से लथपथ सड़क, दहशत में लोग Matric Result 2026: आज खत्म होने वाला है इंतजार : बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026 इस समय जारी होगा; जल्दी देखें अपना रिजल्ट Bihar News : आज नहीं देंगे इस्तीफा! आखिरी समय में बदला प्लान, क्या 30 मार्च से पहले फैसला लेंगे नितिन नवीन? Bihar Police : बिहार पुलिस में बड़ा बदलाव! अब मिनटों में मिलेगा प्रमोशन और पैसा, खत्म होगी फाइलों की देरी Bihar News : युद्ध का खतरा बढ़ा तो बिहार सरकार एक्शन में! राशन-गैस से लेकर प्रवासियों तक सब पर बनी खास टीम, यह IAS अधिकारी होंगे हेड
06-Mar-2025 08:43 AM
By KHUSHBOO GUPTA
Success Story: कहते हैं कि मेहनत और लगन के बल पर इंसान किसी भी मुकाम को हासिल कर सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है जमुई के मुसहर समाज की बेटी सीमा ने। सीमा मुसहर समाज की पहली ग्रेजुएट बेटी बनकर एएनएम के रूप में काम कर रही हैं। बाल विवाह से इनकार कर सीमा ने पढ़ाई पूरी की और अब गांव में मुफ्त चिकित्सा सेवा दे रही हैं। वाकई सीमा की ये कहानी सभी के लिए प्रेरणादायी है।
जमुई जिले के बरहट प्रखंड इलाके के कटका गांव की सीमा जो मुसहर समाज से आती हैं, ANM की पढ़ाई पूरी कर कामयाबी के रास्ते पर चल पड़ी हैं। पढ़ाई लिखाई करने के लिए बाल विवाह से मना करने वाली सीमा अब ग्रेजुएशन के बाद एएनएम की पढ़ाई पूरी कर नर्स बन गई हैं। फिलहाल वह जमुई के एक निजी क्लीनिक में नर्स के रूप में काम करती हैं साथ ही अपने गांव के लोगों को मुफ्त में चिकित्सा सुविधा देती हैं। सीमा के पिता दिहाड़ी मजदूर का काम करते हैं जबकि उसकी मां सरकारी स्कूल में रसोईया हैं।
खबरों के मुताबिक सीमा..मुसहर समाज की पहली बेटी है जो पढ़ लिखकर एएनएम बनी हैं। आमतौर पर महादलित कैटेगरी में आने वाली मुसहर जाति के लोग या तो मजदूरी करते हैं और लड़कियों की शादी बचपन में ही कर दी जाती है। लेकिन उस मिथ्या को खुद तोड़कर सीमा ने कामयाबी हासिल की है। सीमा का कहना है कि वह डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन नर्स ही सही, वह सेवा करनी चाहती हैं।
घर से निकलकर स्कूल और कॉलेज जाने में उसे कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन उसने हार नहीं मानी। सीमा ने बताया कि इंटर करने के बाद परिवार वाले उसकी शादी करवाना चाहते थे, लेकिन वो पढ़ाई करने की जिद पर अड़ गई, तब परिवार वालों को उसकी बात माननी पड़ी। लगभग 700 की आबादी वाले कटका महादलित टोले में सीमा एकमात्र वैसी लड़की है जो ग्रेजुएट हैं। सीमा की कहानी आजकल के सभी युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।