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Bihar Teacher News: भ्रष्टाचार के मामले में हेडमास्टर पर गिरी गाज, शिक्षा विभाग ने किया सस्पेंड

Bihar Teacher News: बिहार के समस्तीपुर जिले के प्रभारी प्रधानाध्यापक ज्ञान रंजन को छात्र-छात्राओं की फर्जी उपस्थिति बनाकर मध्याह्न भोजन योजना की सरकारी राशि और चावल का गबन कर लिया है, जिसके बाद विभाग ने एक्शन लिया है.

01-Jun-2025 12:47 PM

By First Bihar

Bihar Teacher News: बिहार के समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड के मध्य विद्यालय महुली के प्रभारी प्रधानाध्यापक ज्ञान रंजन को छात्र-छात्राओं की फर्जी उपस्थिति बनाकर मध्याह्न भोजन योजना की सरकारी राशि और चावल का गबन करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) कुमार सत्यम ने यह कार्रवाई की है। इसके अतिरिक्त ज्ञान रंजन पर कार्य में लापरवाही, स्वेच्छाचारिता, मनमाना व्यवहार और विभागीय आदेशों की अवहेलना का भी आरोप लगाया गया है।


जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई मध्याह्न भोजन योजना की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेशानुसार की गई। निलंबन के दौरान ज्ञान रंजन को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, बिथान में मुख्यालय पर तैनात किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाहन भत्ता प्रदान किया जाएगा।


जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुमित कुमार सौरभ की अध्यक्षता में की गई जांच में यह सामने आया कि दो अप्रैल 2025 को रोसड़ा मध्याह्न भोजन योजना के प्रखंड साधन सेवी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में भोजन की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं थी। साथ ही भौतिक सत्यापन में चावल लगभग 565 किलोग्राम कम पाया गया। प्रारंभिक जांच से यह प्रतीत हुआ कि फर्जी उपस्थिति बनाकर सरकारी चावल और राशि का गबन किया गया है।


जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि 1 जनवरी 2025 को उपस्थिति पंजी में 78 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी, वहीं मध्याह्न भोजन योजना की पंजी में भी 78 लाभार्थी अंकित थे, जबकि उस दिन स्कूल में मध्याह्न भोजन योजना संचालित नहीं की गई थी। इसी प्रकार, 4 फरवरी को उपस्थिति पंजी में कक्षा 1 से 5 में 127 और कक्षा 6 से 8 में 99 छात्र दर्ज थे, जबकि एमडीएम पंजी में कक्षा 1 से 5 में 146 और कक्षा 6 से 8 में 135 छात्रों का उल्लेख था। यह फर्जीवाड़ा स्पष्ट है।


इस मामले में रोसड़ा के मध्य विद्यालय महुली की विद्यालय शिक्षा समिति की अध्यक्ष रंजू देवी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि 7 जनवरी को विद्यालय शिक्षा समिति का कार्यकाल समाप्त हो चुका था, लेकिन प्रभारी प्रधानाध्यापक ने नए सिरे से समिति का गठन नहीं कराया। इसके कारण एमडीएम और विकास मद की राशि का गबन हो रहा है और अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने मामले की जांच कराने की भी मांग की थी।


जांच के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (लेखा एवं योजना) नितेश कुमार को संचालन पदाधिकारी और रोसड़ा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को उपसंचालक पदाधिकारी के रूप में प्राधिकृत किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। मध्याह्न भोजन योजना को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने कई पहल शुरू की हैं, जिसमें डिजिटल निगरानी और नियमित ऑडिट शामिल हैं। इस तरह की अनियमितताओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं। जिले में शिक्षा और पोषण की गुणवत्ता सुधारने के लिए भविष्य में और भी सख्त कदम उठाए जाने की संभावना है।