Bihar News: लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को उपराष्ट्रपति डॉक्टर सीपी राधाकृष्णन ने उनके पैतृक गांव सिताबदियारा पहुंचकर उनकी आत्म प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के बीच वे सड़क मार्ग से पटना से सिताबदियारा पहुंचे। यह पहला अवसर था जब कोई उपराष्ट्रपति सिताबदियारा पहुंचे।
उपराष्ट्रपति ने लगभग 45 मिनट तक गांव में रुककर न केवल जेपी को नमन किया, बल्कि जेपी के विचारों और उनके योगदान को भी याद किया। एक जेपी सेनानी ने उन्हें पेंशन न मिलने की बात बताई, जिस पर उपराष्ट्रपति ने संबंधित अधिकारियों को उचित कार्रवाई का निर्देश देने का आश्वासन दिया।
इसके बाद वे लोकनायक जयप्रकाश नारायण स्मृति भवन पहुंचे, जहां आयोजित समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित रहे और उन्होंने गांव की समस्याएं, जैसे सड़क, स्वास्थ्य सुविधा और रोजगार से जुड़ी मांगें रखीं।
बता दें कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्टूबर 1902 को सारण जिले के सिताबदियारा में हुआ था। वे स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी सेनानी रहे और हजारीबाग जेल से फरार होने की घटना आज भी इतिहास में दर्ज है। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने सत्ता से दूरी बनाए रखी और सर्वोदय आंदोलन से जुड़े।
वर्ष 1974 में उन्होंने 'संपूर्ण क्रांति' का नारा दिया—"सिंहासन खाली करो, जनता आती है", जिसने देश की राजनीति को झकझोर दिया। इस आंदोलन से कई बड़े नेता उभरे, जिनमें लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार, स्व. रामविलास पासवान और दिवंगत सुशील कुमार मोदी प्रमुख हैं।
रिपोर्ट- पवन कुमार सिंह, छपरा