PATNA: पटना, छपरा सहित बिहार के तमाम जिलों में सुहागिन महिलाओं ने तीज किया और पति की लंबी उम्र की कामना की। तीज को लेकर मंदिरों में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी। निर्जला व्रत रखकर सुहागिन महिलाओं ने गौरी-शंकर की पूजा की।
हरतालिका तीज हिंदू संस्कृति में महिलाओं के लिए समर्पित एक पावन पर्व है, जो विशेष रूप से सुहाग, समर्पण और आध्यात्मिक साधना का प्रतीक है। देश के कई हिस्सों में हरतालिका तीज धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। बिहार और पूर्वांचल में हरतालिका तीज का विशेष महत्व माना जाता है। पूरे देश में हरतालिका तीज पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मंगलवार को मनाया गया।
भद्रक माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को सुहागिन महिलाएं हरतालिका तीज पर व्रत रखकर गौरी-शंकर की पूजा अर्चना की और अपने सुहाग की रक्षा और पति की लंबे उम्र की कामना की। ऐसा मानना है कि इस दिन माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए यह व्रत किया था। जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने माता पार्वती से विवाह किया था।
इसलिए सुहागिन महिलाएं इस दिन पति के लंबी उम्र के लिए व्रत करती आ रही है। आज भी देशभर की सुहागिन महिलाओं ने यह व्रत रखा है। दिनभर महिलाओं भूखी प्यासी रहती हैं। पानी तक नहीं पीती है। अगले दिन सुबह में पानी पियेंगी जिसके साथ ही तीज व्रत का समापन बुधवार को होगा।
छपरा की संजू देवी ने बताया कि तीज पर्व के दिन संध्या में आरती और पूजा पाठ कर अपने सुहाग के दीर्घायु की कामना करते हुए भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा की गई। साथ ही महिलाओं ने यह भी कहा कि पति की लंबे उम्र और हर जन्म में एक दूसरे का साथ मिले इसके लिए तीज करती हैं।