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31-Dec-2025 01:43 PM
By First Bihar
Bihar Land Dispute : सहरसा जिले के भूमि सुधार जनकल्याण संवाद केंद्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक फरियादी ने अपनी जमीन से जुड़े मामले को लेकर प्रशासनिक लापरवाही और पुलिस की निष्क्रियता का गंभीर आरोप लगाया। फरियादी का कहना था कि जमीन माफी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंचलाधिकारी (सीओ) की ओर से सभी कागजातों को सही ठहराते हुए मामला “ओके” कर दिया गया है। इसके बावजूद भू-माफिया उसकी जमीन पर जबरन कब्जा जमाए बैठे हैं और शिकायतों के बाद भी थाना स्तर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
फरियादी ने संवाद केंद्र में मौजूद अधिकारियों के सामने बताया कि उसने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत अंचलाधिकारी से भी की थी। जांच के बाद अंचलाधिकारी ने संबंधित लोगों पर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करवाई, लेकिन इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। भू-माफिया खुलेआम कब्जा किए हुए हैं और थाना प्रभारी मामले में कोई एक्शन लेने को तैयार नहीं हैं। फरियादी ने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार थाना जाने के बावजूद उसे सिर्फ आश्वासन मिला, लेकिन जमीन खाली कराने या आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया।
फरियादी की बात सुनते ही भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा एक्शन मोड में आ गए। उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए अधिकारियों से सवालिया लहजे में पूछा कि जब अंचलाधिकारी स्तर से कार्रवाई हो चुकी है और एफआईआर भी दर्ज है, तो फिर पुलिस हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठी है। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भू-माफियाओं को किसी भी सूरत में संरक्षण नहीं दिया जाएगा और आम नागरिकों को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
विजय कुमार सिन्हा ने मौके पर मौजूद पुलिस अधीक्षक को सीधे निर्देश देते हुए कहा कि इस मामले में तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से कहा कि संबंधित थाना प्रभारी को तलब किया जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि कानून के तहत कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। मंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर थाना प्रभारी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय है। अंचल, डीसीएलआर और थाना—तीनों स्तर पर समन्वय के साथ काम होना चाहिए, ताकि भू-माफियाओं के हौसले पस्त किए जा सकें। उन्होंने दो टूक कहा कि आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने के लिए मजबूर करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से भागेंगे, उन पर कार्रवाई तय है।
जनकल्याण संवाद केंद्र में मौजूद अन्य फरियादियों ने भी मंत्री के इस रुख की सराहना की। लोगों का कहना था कि अक्सर जमीन से जुड़े मामलों में वर्षों तक न्याय नहीं मिलता और भू-माफिया प्रशासनिक कमजोरी का फायदा उठाते हैं। ऐसे में मंत्री का सख्त रुख आम जनता के लिए राहत भरा है।
कार्यक्रम के अंत में विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और फरियादियों को समयबद्ध न्याय मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि सुधार जनकल्याण संवाद केंद्र का उद्देश्य ही यही है कि आम नागरिकों की समस्याएं सीधे सुनी जाएं और मौके पर ही समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।