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bulldozer action : बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन, प्रशासन ने संभाला हालात; ग्रामीणों ने कहा - अब सिर छिपाने तक की जगह नहीं,

रोहतास जिले के डेहरी में प्रशासन के बुलडोजर एक्शन के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। जख्खी बिगहा कैनाल रोड पर अतिक्रमण हटाने के दौरान दर्जनों कच्चे मकान तोड़े गए,

16-Dec-2025 03:30 PM

By First Bihar

bulldozer action : रोहतास जिले के डेहरी शहर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां प्रशासन के बुलडोजर एक्शन के खिलाफ उजाड़े गए लोग सड़कों पर उतर आए। डेहरी के जख्खी बिगहा कैनाल रोड इलाके में नहर के किनारे अतिक्रमण हटाने के बाद बेघर हुए दर्जनों परिवारों ने विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने कैनाल रोड को पूरी तरह जाम कर दिया और सड़क पर आगजनी कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


दरअसल, डेहरी के जख्खी बिगहा कैनाल रोड स्थित नहर किनारे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। इस दौरान प्रशासन और नगर निगम की टीम ने बुलडोजर की मदद से नहर के किनारे बने कई दर्जन कच्चे मकानों को तोड़ दिया। इस कार्रवाई में झोपड़ी और मिट्टी से बने घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए, जिससे वहां रहने वाले परिवार बेघर हो गए। एक ही झटके में लोगों के सिर से छत छिन जाने के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।


बुलडोजर कार्रवाई के बाद प्रभावित लोग एकजुट होकर सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने डेहरी के कैनाल रोड को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। कई वाहनों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। गुस्साए लोगों ने सड़क पर टायर और लकड़ियां जलाकर आगजनी की और प्रशासन से तत्काल आवास की व्यवस्था करने की मांग की।


प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे वर्षों से नहर किनारे रहकर किसी तरह अपना और अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे थे। अचानक बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उनके घरों को तोड़ दिया गया, जिससे उनके सामने रहने और खाने तक की समस्या खड़ी हो गई है। महिलाओं और बच्चों को लेकर सड़क पर बैठे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और कहा कि उनके पास अब सिर छिपाने तक की जगह नहीं बची है।


प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में प्रशासन ने भेदभाव किया है। लोगों का कहना है कि नहर किनारे जिन लोगों ने पक्का मकान और मजबूत स्ट्रक्चर खड़ा कर लिया है, उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बुलडोजर केवल गरीबों की झोपड़ी और मिट्टी के घरों पर ही चला। लोगों ने सवाल उठाया कि अगर अतिक्रमण हटाना ही था, तो फिर सभी पर समान कार्रवाई क्यों नहीं की गई।


स्थानीय लोगों का कहना है कि कई प्रभावशाली लोगों ने नहर किनारे पक्का निर्माण कर लिया है, लेकिन प्रशासन उनके खिलाफ कोई कदम उठाने से बच रहा है। वहीं, गरीब और कमजोर तबके के लोगों को ही निशाना बनाया जा रहा है। इसी नाराजगी के चलते लोग सड़क पर उतर आए और प्रशासन से न्याय की मांग करने लगे।


प्रशासन की ओर से बताया गया है कि डेहरी में वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए बुडको द्वारा जमीन अधिग्रहित की जा रही है। इसी योजना के तहत नहर के किनारे से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई विकास कार्यों के लिए जरूरी है और भविष्य में शहर को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही है।


फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक कार्रवाई और गरीबों के पुनर्वास के सवाल को खड़ा कर दिया है। लोगों की मांग है कि जब तक उन्हें वैकल्पिक आवास नहीं दिया जाता, तब तक इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। अब देखना होगा कि प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है और बेघर हुए परिवारों को राहत कब तक मिल पाती है।