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16-Dec-2025 02:49 PM
By First Bihar
Expressway News : रक्सौल–हल्दिया सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की तस्वीर अब धीरे-धीरे साफ होती जा रही है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के लिए ऐतिहासिक साबित होने वाली है, क्योंकि इसके निर्माण से जिले को पहली बार सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे की सौगात मिलने जा रही है। इस एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई जिले में करीब 50 किलोमीटर होगी, जो मुजफ्फरपुर के पांच प्रखंडों के 38 गांवों से होकर गुजरेगी।
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि बिहार, नेपाल और पश्चिम बंगाल के बीच आवागमन पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुगम हो जाएगा। वर्तमान में रक्सौल से हल्दिया पोर्ट तक की यात्रा में लगभग 15 घंटे का समय लगता है, लेकिन एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद यह सफर घटकर करीब आठ से 10 घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और परिवहन को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
रक्सौल–हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण की कवायद अब तेज हो चुकी है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस एक्सप्रेस-वे का एलाइनमेंट तय कर लिया है और भू-अर्जन कार्यालय को इससे संबंधित जानकारी उपलब्ध करा दी है। इसके साथ ही, एनएचएआई ने मुजफ्फरपुर जिले के उन 38 गांवों में जमीन अधिग्रहण के लिए प्रस्ताव भी मांगा है, जिनसे होकर यह एक्सप्रेस-वे गुजरेगा।
जानकारी के अनुसार, यह एक्सप्रेस-वे मीनापुर प्रखंड के 5 गांवों, औराई के 3 गांवों, बोचहां के 13 गांवों तथा गायघाट और बंदरा प्रखंड के कुल 17 गांवों से होकर गुजरेगा। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने से स्थानीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से संबंधित गांवों में सर्वे और आवश्यक कागजी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि समय पर निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।
यह एक्सप्रेस-वे न केवल मुजफ्फरपुर को पश्चिम बंगाल के प्रमुख बंदरगाह हल्दिया से सीधे जोड़ेगा, बल्कि नेपाल सीमा के रक्सौल तक भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। नेपाल से होने वाले आयात-निर्यात और व्यापारिक गतिविधियों के लिए यह मार्ग बेहद उपयोगी साबित होगा। इसके चलते मुजफ्फरपुर एक अहम ट्रांजिट और लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर सकता है।
एक्सेस कंट्रोल्ड इस सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की औसत गति 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रखी जाएगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा न केवल तेज होगी, बल्कि सुरक्षित भी बनेगी। एक्सप्रेस-वे पर सीमित एंट्री और एग्जिट पॉइंट होंगे, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम रहेगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी घटेगी।
रूट की बात करें तो यह एक्सप्रेस-वे रक्सौल से शुरू होकर पूर्वी चंपारण, शिवहर और मुजफ्फरपुर के बंदरा इलाके से होते हुए समस्तीपुर जिले में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह बेगूसराय, लखीसराय, जमुई और बांका जिलों से गुजरते हुए पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट तक पहुंचेगा। इस पूरे कॉरिडोर से बिहार के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।
स्थानीय लोगों के लिए भी यह परियोजना कई मायनों में फायदेमंद साबित होगी। एक ओर जहां बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, वहीं दूसरी ओर जमीन अधिग्रहण के बदले मिलने वाला मुआवजा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। साथ ही, एक्सप्रेस-वे के आसपास औद्योगिक विकास, वेयरहाउसिंग, ढाबे, पेट्रोल पंप और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के बढ़ने की संभावना भी है।
कुल मिलाकर, रक्सौल–हल्दिया सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों के लिए विकास की नई इबारत लिखने जा रहा है। यह परियोजना न सिर्फ बिहार को नेपाल और पश्चिम बंगाल से मजबूती से जोड़ेगी, बल्कि राज्य की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर को भी बदलने में अहम भूमिका निभाएगी।