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08-Feb-2026 12:29 PM
By First Bihar
Patna Metro : पटना मेट्रो परियोजना ने अपने विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है। मलाही पकड़ी और खेमनीचक मेट्रो स्टेशन के बीच मेट्रो सेवा शुरू करने से पहले कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) की अंतिम जांच फरवरी के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है। मेट्रो अधिकारियों का मानना है कि यदि सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर स्टेशन खरे उतरते हैं, तो मार्च के पहले सप्ताह में इन दोनों स्टेशनों से मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है। इससे राजधानी पटना में मेट्रो नेटवर्क का दायरा बढ़ेगा और यात्रियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, CMRS की टीम 25 से 28 फरवरी के बीच पटना पहुंचेगी। इस दौरान टीम मलाही पकड़ी और खेमनीचक स्टेशन के ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम, प्लेटफॉर्म सुरक्षा व्यवस्था, यात्री सुविधाएं और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच करेगी। यह प्रक्रिया मेट्रो परिचालन शुरू होने से पहले अनिवार्य होती है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग एक सप्ताह के भीतर मेट्रो परिचालन की अंतिम तिथि की घोषणा कर दी जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि अब तक की तैयारियां संतोषजनक पाई गई हैं।
वर्तमान में पटना मेट्रो आईएसबीटी, जीरो माइल और भूतनाथ स्टेशन के बीच संचालित हो रही है। मलाही पकड़ी और खेमनीचक स्टेशन के जुड़ने के बाद मेट्रो कॉरिडोर की लंबाई छह किलोमीटर से अधिक हो जाएगी। इस विस्तार से खासकर पूर्वी पटना के इलाकों को सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे रोजाना कामकाज और पढ़ाई के लिए यात्रा करने वाले हजारों लोगों को समय की बचत होगी और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।
इसी बीच पटना मेट्रो का प्रशासनिक ढांचा भी मजबूत किया जा रहा है। मेट्रो का प्रशासनिक कार्यालय अब बोरिंग रोड स्थित इंदिरा भवन से स्थानांतरित होकर आईएसबीटी डिपो परिसर में शिफ्ट किया जा रहा है। अगले दो से तीन दिनों में कार्यालय स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। आईएसबीटी डिपो परिसर में जी प्लस चार मंजिला आधुनिक प्रशासनिक भवन तैयार कर लिया गया है, जहां मेट्रो परियोजना से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी बैठेंगे। इससे परियोजना के संचालन और निगरानी में अधिक सुविधा होगी।
पटना मेट्रो परियोजना के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए जल्द ही पीएमआरसीएल के अधिकारियों और संबंधित निर्माण एजेंसियों के बीच एक महत्वपूर्ण इंटरफेस बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं और उनके त्वरित समाधान पर चर्चा की जाएगी, ताकि परियोजना समय सीमा के भीतर पूरी हो सके।
नए मेट्रो स्टेशनों के शुरू होने से पटना के कई इलाकों में सड़क जाम की समस्या में कमी आने की उम्मीद है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। इससे न केवल शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि प्रदूषण स्तर में भी कमी आने की संभावना है। पटना मेट्रो का यह विस्तार राजधानी के शहरी विकास में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।