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16-Dec-2025 09:39 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार में अब अवैध बालू खनन और इसके अवैध कारोबार पर रोक लगाने की तैयारी हो रही है। राजधानी पटना में जिला प्रशासन ने अब उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की मदद लेने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही बालू घाटों पर निगरानी और बेहतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन और अत्याधुनिक नावों का भी प्रयोग किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने पिछले एक सप्ताह से इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने बताया कि खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में प्रखंड स्तर पर छापेमारी दल का गठन किया गया है। इस दौरान मनेर, बिहटा, दानापुर, नौबतपुर और फतुहा तक बालू खनन स्थलों पर छापेमारी और निरीक्षण किया गया। डीएम ने कहा कि अवैध खनन पर रोक के प्रयास लगातार जारी हैं और इसके लिए प्रशासन सख्त कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
जिला प्रशासन ने छापेमारी दल को ड्रोन से निगरानी, नदी में गश्ती के लिए अत्याधुनिक नावें, और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए हैं। इससे न केवल अवैध बालू खनन पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी, बल्कि भारी जालसाजी और अवैध कारोबार को भी पकड़ने में मदद मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से पटना जिले की नदियों और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।
इसके अलावा, प्रशासन ने स्थानीय लोगों और मछुआरों से भी सहयोग मांगा है ताकि अवैध बालू खनन के प्रयासों में जनभागीदारी सुनिश्चित हो और जिला प्रशासन की कार्रवाई और अधिक प्रभावी बन सके। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आगामी दिनों में नए ड्रोन तकनीक और निगरानी सेंसर का प्रयोग कर बालू घाटों की निरंतर निगरानी की जाएगी। इस कदम से यह उम्मीद जताई जा रही है कि पटना जिले में अवैध बालू खनन पूरी तरह से नियंत्रित होगा और नदी पर्यावरण, यातायात और स्थानीय संसाधनों की सुरक्षा में सुधार होगा।