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09-Feb-2026 07:32 AM
By First Bihar
Bihar school : बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 9 से 12 तक के करीब 7 लाख छात्रों के ब्योरे में गंभीर त्रुटियां पाई गई हैं। यह जानकारी शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल के डाटा की जांच के दौरान सामने आने के बाद दी। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए 24 जिलों के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (योजना एवं लेखा) को कारण बताओ नोटिस भेजा है। साथ ही सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर इन त्रुटियों को सुधारने का निर्देश दिया गया है।
ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर कुल 18 लाख 95 हजार 270 छात्रों का डाटा मौजूद है। विभाग की जांच में पाया गया कि 11 लाख 86 हजार 744 छात्रों के डाटा को सही कर लिया गया है, लेकिन अभी भी 7 लाख छात्रों के विवरण में गलतियां बनी हुई हैं। यह सुधार अभियान जून 2025 में शुरू किया गया था और सभी जिलों को जनवरी 2026 के अंत तक डाटा पूरी तरह सही करने की हिदायत दी गई थी।
विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर इन सात लाख छात्रों के डाटा में सुधार नहीं होता है तो इन बच्चों के लिए सरकार की लाभुक योजनाओं का लाभ लेना मुश्किल हो जाएगा। ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर छात्रों का ब्योरा स्कूल प्रबंधन की ओर से भरना अनिवार्य है। इसमें छात्र का नाम, पिता का नाम, पता, आधार नंबर आदि सही-सही दर्ज करना होता है। यह जिम्मेदारी सीधे डीपीओ (योजना एवं लेखा) की है।
विभाग ने विशेष रूप से भागलपुर, अररिया, औरंगाबाद, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, खगड़िया, किशनगंज, कटिहार, लखीसराय, मधुबनी, मुंगेर, कैमूर, नालंदा, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, सुपौल, सीवान और वैशाली के डीपीओ से जवाब तलब किया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर ने डीपीओ से यह भी पूछा है कि पिछली लाभुक आधारित योजनाओं की समीक्षा बैठक में वे अनुपस्थित क्यों थे।
जिलावार डाटा की स्थिति इस प्रकार है: गया में 45,355, सारण 50,482, जमुई 32,141, भोजपुर 27,892, पटना 37,740, गोपालगंज 33,775, सीमामढ़ी 49,063, औरंगाबाद 28,895, मुंगेर 13,410, भागलपुर 32,577, जहानाबाद 7,569, लखीसराय 8,592, सीवान 25,812, कटिहार 28,100, वैशाली 23,034, नालंदा 20,071, मुजफ्फरपुर 34,192, मधुबनी 33,410, अरवल 3,770, दरभंगा 26,633, पूर्वी चंपारण 33,229, अररिया 12,655, सुपौल 13,678, सहरसा 11,360, समस्तीपुर 15,907, किशनगंज 8,678, रोहतास 8,136, शेखुपुरा 1,956, बांका 6,290, पश्चिम चंपारण 9,862, मधेपुरा 5,893, पूर्णिया 9,292, बक्सर 1,450, बेगूसराय 2,276, खगड़िया 1,210, शिवहर 358 और कैमूर 484 छात्र-छात्राओं के डाटा में त्रुटियां पाई गई हैं।
शिक्षा विभाग ने सभी डीपीओ और संबंधित अधिकारियों से कहा है कि वे छात्रों के डाटा को समय पर सही करें, ताकि सरकार की छात्रवृत्ति, फ्री किताबें, पोषण और अन्य लाभुक योजनाओं का लाभ हर छात्र तक पहुंच सके। विभाग ने स्पष्ट किया है कि डाटा की सही जानकारी दर्ज न करने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।