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28-Nov-2025 08:23 AM
By FIRST BIHAR
Bihar Panchayat Chunav: बिहार में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद अब अगले वर्ष होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारी शुरू हो गई है। आगामी पंचायत चुनाव में राज्य की सभी आरक्षित सीटों में परिवर्तन किया जाएगा। यह बदलाव आरक्षण चक्र के नियमों के अनुसार होगा, जिसके तहत लगातार दो आम चुनावों के बाद तीसरे चुनाव में आरक्षण की कोटि बदल दी जाती है।
इस बार पंचायत चुनाव में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग और महिलाओं को अधिकतम 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। राज्य में यह तीसरी बार होगा जब पंचायतों में आरक्षण चक्र में बदलाव लागू किया जाएगा।
पंचायती राज अधिनियम के प्रावधान के अनुसार 2006 में पहली बार सभी पदों के लिए आरक्षण तय किया गया था, जो 2011 तक लागू रहा। इसके बाद 2016 और 2021 के चुनाव उसी आरक्षण चक्र के तहत हुए। अब 2026 के पंचायत चुनाव में नया चक्र लागू होगा। जिन पदों पर पिछले दो चुनावों 2016 और 2021 में एक ही कोटि के उम्मीदवारों को आरक्षण मिला था, उन पदों का आरक्षण अब समाप्त हो जाएगा और जनगणना के आधार पर नई श्रेणी को दिया जाएगा।
त्रिस्तरीय पंचायतों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण उनकी जनसंख्या के अनुपात में तय किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी क्षेत्र में एससी या एसटी आबादी 25 प्रतिशत है, तो आरक्षित पद भी 25 प्रतिशत होंगे। शेष पदों में अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) को लगभग 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। पदों का आरक्षण जिला दंडाधिकारी द्वारा नियमानुसार तैयार किया जाएगा।
आरक्षण निर्धारण के लिए अलग-अलग पदों का अलग आधार होगा। ग्राम पंचायत सदस्यों का आरक्षण ग्राम पंचायत के कुल पदों के आधार पर तय होगा। मुखिया पद का आरक्षण संबंधित पंचायत समिति क्षेत्र के सभी ग्राम पंचायतों की संख्या के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। पंचायत समिति सदस्यों का आरक्षण उनके कुल पदों के आधार पर तय होगा।
इसी तरह, प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद सदस्यों और जिला परिषद अध्यक्ष के पदों में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान रहेगा। 2026 में होने वाले इन चुनावों में आरक्षण की नई सूची लागू होने के साथ कई सीटों की श्रेणियों में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।