25 से 29 मार्च तक पटना में सबसे बड़ी चेस रेटिंग प्रतियोगिता, रूस-जिंबाब्वे और नेपाल के दिग्गज खिलाड़ी हो रहे शामिल भतीजे ने पैर छुकर आशीर्वाद लिया तो नरम हो गये पशुपति पारस, कहा..खून का रिश्ता कभी समाप्त नहीं हो सकता बिहार में अपराधियों का तांडव जारी, पूर्व मंत्री के करीबी की गोली मारकर हत्या, रोते हुए BJP नेता ने की कार्रवाई की मांग बेगूसराय में 12 घंटे में तीसरी वारदात, नाबालिग छात्र आयुष की गोली मारकर हत्या दो सगे भाइयों से शादी रचाने वाली महिला प्रेग्नेंट, घर में आने वाला है नया मेहमान बिहटा में पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजी कार्यशाला का सफल आयोजन, ग्रोथ हार्मोन थेरेपी पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी बेलगाम स्कॉर्पियो ने 2 युवतियों को रौंदा, मौत से गुस्साए लोगों ने किया सड़क जाम हंगामा बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा में गोल संस्थान का शानदार प्रदर्शन, कई छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए, कोचिंग के छात्रों ने मनाया सफलता का उत्सव बिहार में नहीं थम रहा भूमि विवाद का मामला, सासाराम में जमीन के लिए हत्या बिहार दिवस 2026: डॉ. एन. विजयलक्ष्मी की भरतनाट्यम प्रस्तुति ने बांधा समां, शक्ति आराधना और देशभक्ति का अद्भुत संगम
03-Feb-2025 01:48 PM
By First Bihar
Bihar Land Survey : बिहार में जारी जमीन सर्वे के बीच नीतीश कुमार की सरकार को बड़ी सफलता हासिल हुई है। राज्य सरकार ने 31 लाख ऐसे खेसरा की पहचान की है जिसका रकबा 17.86 लाख एकड़ बन रहा है। ये जानकारी राजस्व और भूमि सुधार विभाग के द्वारा जारी आंकड़े में दी गई है। इतने बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन को खोज निकालना अबतक के लिए राजस्व और भूमि सुधार विभाग की बड़ी काययाबी है।
वहीं, अब जानकारी निकल कर सामने आ रही है उसके मुताबिक इन जमीन का उपयोग बड़ी-बड़ी फैक्ट्री लगाने में की जाएगी। ऐसे में इस जमीन का उपयोग सरकारी योजनाओं और उद्योगपतियों के निवेश प्रस्तावों के लिए हो सकता है। राज्य सरकार ने इससे पहले लाखों एकड़ सरकारी जमीन का खाता-खेसरा लॉक किया था, जिससे कोई उसमें हेरफेर ना कर पाए।
दरअसल, सरकारी जमीन पूरे राज्य में फैली हुई है। ऐसे में अब पहचान हो गई है कि कितनी जमीन है। अब जांच और पुष्टि के दौरान ये पता चलेगा कि उस पर कोई अवैध कब्जा या अतिक्रमण तो नहीं है। अगर ऐसी बात मिली तो उस पर कार्रवाई भी होगी। हालांकि,अगर किसी आदमी ने उस जमीन पर अपना दावा किया है तो उसके कागजात का परीक्षण वो समिति कर रही है।
इधर एसीएस दीपक सिंह ने कहा कि इस पूरी कवायद का मकसद राज्य की सारी जमीन के लैंड रिकॉर्ड को डिजिटल करना है ताकि दो लोगों के बीच जमीन के विवाद ना हों। उन्होंने कहा कि राज्य में कई आपराधिक वारदात के पीछे जमीन का विवाद कारण में रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में जमीन के विवाद सुलझाना बहुत लंबे समय से बाकी काम है और पहले की सरकारें इस मसले से दूर ही रहीं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने चुनावी साल में राजनीतिक जोखिम के बावजूद जमीन के विवाद को निपटाने के लिए यह कदम उठाया है।