मधुबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: TOP-10 अपराधी और गांजा तस्कर नरेश यादव गिरफ्तार झारखंड के बोकारो में हाथियों का तांडव, एक ही परिवार के 3 लोगों की रौंदा मुजफ्फरपुर में सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग का वीडियो वायरल, तिमुल अध्यक्ष की फैमिली पर सवाल, ग्रामीण SP ने दिए जांच के आदेश पटना में बिना निशान थायरॉइड सर्जरी की ऐतिहासिक सफलता, रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल में नई मेडिकल उपलब्धि Bihar News: होली पर घर आना चाहते हैं तो आपके लिए है 285 स्पेशल ट्रेन, ECR ने दी जानकारी Bihar News: बिहार में अवैध खनन के खिलाफ सरकार सख्त, एक महीने में करीब पांच हजार जगहों पर छापेमारी; 673 वाहन जब्त Bihar News: बिहार में अवैध खनन के खिलाफ सरकार सख्त, एक महीने में करीब पांच हजार जगहों पर छापेमारी; 673 वाहन जब्त बिहटा के NSMCH में Annual College Fest “ADRENERGY 2.0” का भव्य शुभारंभ, 8 दिनों तक चलेगा कार्यक्रम मधुबनी: अंतर्राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश, चार ठग गिरफ्तार Bihar News: होली-ईद पर यात्रियों को बड़ी राहत, बिहार के इस शहर से दिल्ली, गुरुग्राम और अंबाला के लिए विशेष बस सेवा शुरू
04-Apr-2025 08:52 AM
By First Bihar
Bihar Land Survey: बिहार में भूमि सर्वे का काम लगातार जारी है। लेकिन, हर दिन इस जमीन सर्वे को लेकर कोई न कोई नई परेशानी सामने आ रही है। ऐसे में इन परेशानियों को दूर करने के लिए लगातार राजस्व विभाग की ओर से कोशिश की जा रही है। सर्वे में सबसे बड़ी परेशानी भू मालिकों को तब हो रही है जब उनके पास कागजात उपलब्ध नहीं रह रहे हैं। ऐसे में राजस्व विभाग ने ऐसे भू मालिकों को बड़ी राहत दी है। राजस्व मंत्री ने बताया है कि अगर भू-मालिकों के पास कागज नहीं है तो वो क्या करें।
दरअसल, भूमि सुधार एंव राजस्व मंत्री संजय सरावगी ने आम लोगों से अपील की है कि स्वघोषणा के लिए फिलहाल जमीन के जितने कागजात रैयत के पास उपलब्ध हैं, उतने कागजात को ही संलग्न कर दें। इसके बाद बचे हुए कागजात का इंतजाम धीरे-धीरे खानापूरी के समय तक कर लें। इस प्रकार बिहार के जमीन मालिक बेहतर ढंग से भूमि सर्वे में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।
वहीं, 31 मार्च को स्वघोषणा जमा करने की अंतिम तिथि समाप्त होने के तीन दिन बाद मंत्री सरावगी ने राज्यभर में चल रहे भूमि सर्वे की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने कई जिलों में स्वघोषणा की कम संख्या पर नाराजगी जाहिर की और खराब प्रदर्शन वाले सर्वे शिविरों की पहचान कर संबंधित कर्मियों को सख्त चेतावनी दी।
आपको बता दें कि, 31 मार्च तक कुल 1.15 करोड़ स्वघोषणाएं प्राप्त हुई हैं। जिनमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों शामिल हैं। मंत्री सरावगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि सर्वे में हो रही देरी के पीछे सर्वर की खराबी एक प्रमुख कारण है। इस समस्या की लगातार शिकायतें मिल रही हैं।