Vigilance Raid : पटना में निगरानी की रेड, नियोजन भवन में 5 लाख ररुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए बड़े अधिकारी, पढ़िए किस काम के किया था पैसों का डिमांड बिहार में बड़ा हादसा: घर में घुसी तेज रफ्तार स्कूल बस, हादसे में दो बच्चों की मौत; प्रेग्नेंट महिला की हालत गंभीर बिहार में बड़ा हादसा: घर में घुसी तेज रफ्तार स्कूल बस, हादसे में दो बच्चों की मौत; प्रेग्नेंट महिला की हालत गंभीर शराबबंदी वाले राज्य में हाई-प्रोफाइल शराब पार्टी: रेड में पकड़े गये 38 महिलाएं और 43 पुरुष, मची अफरा-तफरी police action : पटना में गोलीकांड, कबाड़ी दुकानदार हुआ घायल, पुलिस ने तीन आरोपितों की तलाश किया शुरू Bihar News: नीट छात्रा की मौत मामले में इंसाफ़ की मांग, 8 फरवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन Bihar News: नीट छात्रा की मौत मामले में इंसाफ़ की मांग, 8 फरवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन Bihar Bhumi: बिहार में जमीन रजिस्ट्री के लिए OTP की बाध्यता समाप्त, अब ऐसे होगी बुकिंग Bihar Bhumi: बिहार में जमीन रजिस्ट्री के लिए OTP की बाध्यता समाप्त, अब ऐसे होगी बुकिंग Police Knife Attack : बिहार पुलिस महकमे में शर्मनाक घटना, दरोगा ने चाकू से सिपाही पर किया हमला; पढ़िए क्या रही वजह
07-Feb-2025 08:45 AM
By First Bihar
Bihar Government : बिहार में अब भ्रष्ट कर्मचारी पर लगाम लगाने को लेकर एक नया प्लान तैयार किया गया है। अब राज्य में भ्रष्ट लोक सेवकों पर कार्रवाई को लेकर मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय का गठन किया है। इसको लेकर यह भी तय कर लिया गया है की इसका ऑफिस कहां होगा और इसकी कार्यप्रणाली क्या होगी। तो आइए जानते हैं कि बिहार सरकार का प्लान क्या है ?
बिहार में राज्य में भ्रष्ट लोक सेवकों पर कार्रवाई को लेकर मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय का गठन किया है। यह सामान्य प्रशासन विभाग का एक सहयोगी कार्यालय होगा। साथ ही, यह स्वतंत्र निदेशालय होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके गठन को लेकर संकल्प जारी कर दिया है। संकल्प के अनुसार मुख्य सचिव स्तर के कार्यरत अथवा सेवानिवृत्त अधिकारी इसके महानिदेशक सह मुख्य जांच आयुक्त होंगे।
वहीं, प्रमंडल स्तर पर संयुक्त आयुक्त (विभागीय जांच) एवं जिला स्तर पर अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) नोडल पदाधिकारी होंगे। जबकि, सभी विभागों द्वारा संयुक्त सचिव से ऊपर के एक अफसर को नोडल पदाधिकारी बनाया जाएगा। मुख्य जांच आयुक्त के पद पर नियुक्ति राज्य सरकार करेगी। उनकी कार्य अवधि 5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु, जो पहले हो वह रहेगी।
सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार, अनुशासनिक कार्यवाही के संचालन की प्रकिया में त्रुटियों के कारण सरकार को असुविधाजनक स्थिति का सामना करना पड़ता था, इसलिए यह निदेशालय गठित किया गया है। निदेशालय का गठन होने से अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया को त्रुटि रहित किए जाने साथ समुचित निगरानी एवं समयबद्ध निरीक्षण हो सकेगा।
इस निदेशालय का मुख्य दायित्व बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत विभिन्न अनुशासनिक प्राधिकारों द्वारा की गयी प्रशासनिक जांच प्रक्रिया की समीक्षा, निगरानी, निरीक्षण एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था करना है। मुख्य जांच आयुक्त या जांच आयुक्त को नियमानुसार कार्यवाही संचालित करना और निर्धारित समय के अंदर संबंधित अनुशासनिक प्राधिकार को जांच रिपोर्ट सौंपना है।
इधर, मुख्य जांच आयुक्त को वेतन स्तर-9 या इससे उच्च स्तर के पदाधिकारियों के विरुद्ध गंभीर कदाचार, बेईमानी, गबन आदि से संबंधित मामले ही जांच सौंपी जाएंगी। अपर सचिव या इससे उच्च स्तर के पदाधिकारियों के विरुद्ध सामान्य आरोप के मामले भी मुख्य जांच आयुक्त को सौंपा जा सकेगा। विशेष परिस्थिति में सरकार के निर्णय के अनुसार कारण अंकित करते हुए कोई मामला जांच के लिए मुख्य जांच आयुक्त को सौंपा जा सकेगा।