बेगूसराय में 12 घंटे में तीसरी वारदात, नाबालिग छात्र आयुष की गोली मारकर हत्या दो सगे भाइयों से शादी रचाने वाली महिला प्रेग्नेंट, घर में आने वाला है नया मेहमान बिहटा में पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजी कार्यशाला का सफल आयोजन, ग्रोथ हार्मोन थेरेपी पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी बेलगाम स्कॉर्पियो ने 2 युवतियों को रौंदा, मौत से गुस्साए लोगों ने किया सड़क जाम हंगामा बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा में गोल संस्थान का शानदार प्रदर्शन, कई छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए, कोचिंग के छात्रों ने मनाया सफलता का उत्सव बिहार में नहीं थम रहा भूमि विवाद का मामला, सासाराम में जमीन के लिए हत्या बिहार दिवस 2026: डॉ. एन. विजयलक्ष्मी की भरतनाट्यम प्रस्तुति ने बांधा समां, शक्ति आराधना और देशभक्ति का अद्भुत संगम चैती छठ का तीसरा दिन: अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को व्रतियों ने दिया अर्घ्य, पटना के घाटों पर दिखी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रोहतास को 480 करोड़ की सौगात: सीएम नीतीश बोले..बदल चुका है बिहार बिहार में ANTF और STF की बड़ी कार्रवाई: 80 लाख की हीरोइन के साथ 5 तस्कर गिरफ्तार
10-Feb-2025 07:45 PM
By First Bihar
Bihar Education News: शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने पूर्व एसीएस केके पाठक का एक और आदेश पलट दिया है. शिक्षा विभाग के तत्कालीन एसीएस केके पाठक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को बड़ा अधिकार दिया था. जिस वजह से सरकारी पैसे का बंदरबांट हुआ था. सरकार की भारी बदनामी के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारियों के वित्तीय अधिकार कम करते हुए आउटसोर्सिंग कर्मचारी की सेवा भी समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है.
शिक्षा विभाग के नए आदेश के बाद सिविल वर्क करने की जिम्मेवारी अब स्कूल और निगम के पास होगी. नये आदेश के तहत जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) के अधिकारों में कटौती कर दी गई है. 1 अप्रैल से यह नियम लागू हो जायेगा. इसके बाद डीईओ किसी भी प्रकार का सिविल वर्क नहीं करवा पाएंगे. डीईओ के पास अब सिर्फ शैक्षणिक कार्य करने की जिम्मेदारी होगी. सभी डीईओ और डीपीओ को ऐसी जिम्मेवारियों से मुक्त कर दिया गया है.
शिक्षा विभाग के नए आदेश के अनुसार, स्कूल में 50000 रुपये तक के कार्य की राशि अब सीधे खातों में भेजी जाएगी. कार्य की राशि के लिए हेड मास्टर सीधे विभाग को पत्र भेजेंगे और सिविल वर्क का काम सीधे निगम के माध्यम से कराया जाएगा. विभाग ने 31 मार्च तक सभी प्रकार की आउटसोर्सिंग व्यवस्था भी समाप्त करने का आदेश जारी किया है.
शिक्षा विभाग की तरफ से यह भी आदेश दिया गया है कि 1 अप्रैल से आउटसोर्सिंग स्टाफ टर्मिनेट कर दिए जाएं. जिला कार्यक्रम प्रबंधक से लेकर ब्लॉक परियोजना प्रबंधक तक की सेवा समाप्त कर दी जाए. बता दें, केके पाठक जब शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव थे तब उन्होंने आउटसोर्सिंग से इनको बहाल करवाया था. लेकिन बाद में इन पदों को लेकर भ्रष्टाचार के मामले आ रहे थे. इसके बाद शिक्षा विभाग ने पूर्व के आदेश को बदल दिया है.