“क्या सच में खत्म हो गया माही का सफर… या अभी 10 साल और खेलेंगे धोनी?” योगराज सिंह के बयान ने बढ़ाई हलचल Tandoori Roti At Home: अब ढाबे जाने की जरूरत नहीं… बिना तंदूर-ओवन के बनेगी परफेक्ट तंदूरी रोटी, घर पर ही आजमाएं यह आसान ट्रिक KBC में 50 लाख जीतने वाली तहसीलदार अमिता सिंह तोमर गिरफ्तार, 2.5 करोड़ बाढ़ राहत घोटाले में फंसी UPSC 2025 में बदला ट्रेंड: इंटरव्यू में पीछे रहने के बावजूद OBC ने फाइनल मेरिट में EWS को छोड़ा पीछे, जानिए रामनवमी पर पटना में बदला मौसम का मिजाज, बूंदाबांदी और ठंडी हवा से श्रद्धालुओं को कड़ाके की धूप से मिली राहत BIHAR NEWS: "आप बस ऐसा कीजिए… हम आपको 15 से 20 हजार सैलरी वाली नौकरी दिलवा देंगे" – इस तरह करता था फ्रॉड, अब खुला गैंग का राज बेतिया में ठेकेदार के बॉडीगार्ड की संदिग्ध मौत, कमरे में शव मिलने से मचा हड़कंप Bihar News : नीतीश कुमार के इस्तीफे की आ गई तारीख, JDU के कार्यकारी अध्यक्ष ने बता दिया डेट और टाइम; आप भी जान लें रामनवमी में डाकबंगला पर दिखेगा अयोध्या जैसा नजारा, 52 झांकियों को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे सम्मानित, श्रीराम चौक की तैयारी कैसी है जानिये? Indian Railway : रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा! ट्रांसफर और इस्तीफे के बाद भी इतने महीने तक मिल सकेगा सरकारी क्वार्टर, जानें नया नियम
01-Sep-2025 02:03 PM
By First Bihar
Patna News: पटना में दुर्गा पूजा की तैयारियां ज़ोरों पर चल रही हैं। शहर के कई हिस्सों में कारीगर मां दुर्गा की सुंदर प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस बार मूर्तियों को पर्यावरण के अनुकूल ढंग से बनाया जा रहा है। इसके लिए गंगा नदी की शुद्ध मिट्टी और प्राकृतिक (नेचुरल) रंगों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे नदियों या पर्यावरण को कोई नुकसान न हो।
मूर्तियों को सजाने-संवारने के लिए उपयोग होने वाला शृंगार का सामान पश्चिम बंगाल से मंगवाया जा रहा है। बंगाल की कला और संस्कृति का असर पटना की दुर्गा पूजा पर भी साफ़ दिखाई देता है। यहां के कारीगर पारंपरिक तरीकों को अपनाते हुए मूर्तियों में बारीकी से काम कर रहे हैं।
हालांकि, इस काम में उन्हें कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है। कच्चे माल की कीमतें बढ़ गई हैं और मौसम भी कभी बारिश तो कभी धूप के कारण मूर्ति निर्माण में रुकावटें पैदा कर रहा है। इसके बावजूद कारीगर पूरी लगन और निष्ठा से अपनी कला को जीवित रखने में लगे हुए हैं।
दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि कला, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। पटना के कारीगर इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए न केवल अपनी मेहनत, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी दिखा रहे हैं। इस साल की दुर्गा प्रतिमाएं न केवल खूबसूरत होंगी, बल्कि प्रकृति के लिए भी सुरक्षित होंगी।