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19-May-2025 11:44 AM
By First Bihar
Bihar News: पथ निर्माण विभाग ने 15,000 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) परियोजनाओं का इस्टीमेट सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेज दिया है। इन परियोजनाओं को मंत्रालय की प्राथमिक मंजूरी प्राप्त है और अब केवल वित्तीय स्वीकृति शेष है। विभाग द्वारा अगले तीन-चार दिनों में अतिरिक्त 3,000 करोड़ रुपए के इस्टीमेट को भी मंत्रालय को भेजे जाने की योजना है।
इन परियोजनाओं को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन आंतरिक वित्त विभाग (Internal Finance Department) की स्वीकृति के बाद ही निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अधिकांश परियोजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है, जिससे कार्य प्रारंभ करने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
पटना के नौबतपुर बाजार की सड़क जो इस सड़क की फोरलेनिंग का प्रस्ताव पहले नंबर पर है। इसे स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और इस पर लगभग 37.5 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। भूमि भी उपलब्ध है, जिससे काम जल्द शुरू हो सकेगा। अरवल बाईपास: इस बाईपास की लंबाई 12.8 किलोमीटर होगी और इसका उद्देश्य शहर के ट्रैफिक को बाईपास करना है, जिससे आवागमन सुगम होगा।
औरंगाबाद के दाउदनगर और अंबा बाईपास जो इन दोनों क्षेत्रों में भी बाईपास निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, जो क्षेत्रीय यातायात के दबाव को कम करेंगे। डुमरांव में आरओबी (रेल ओवर ब्रिज): रेलवे क्रॉसिंग पर यातायात बाधाओं को कम करने के लिए आरओबी का प्रस्ताव भेजा गया है। कटोरिया से पंजवारा तक फोरलेन सड़क: यह सड़क निर्माण सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच आवागमन को बेहतर बनाएगा और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देगा।
पथ निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये सभी परियोजनाएं बिहार के महत्वपूर्ण जिलों में आवागमन को बेहतर बनाने और आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है या अंतिम चरण में है। इसके कारण टेंडर प्रक्रिया में कोई विलंब नहीं होगा। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि स्थानीय व्यवसायों और रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी होगी।