खगड़िया में गंगा कटाव रोकने के लिए लोगों ने किया उपवास, महिलाओं ने की गंगा मईया की पूजा बेगूसराय में संदिग्ध हालात में वृद्धा की मौत, परिजनों ने लगाया पीट-पीटकर हत्या का आरोप मुजफ्फरपुर में युवती की हत्या मामला, प्रेमी पर सिर में गोली मारने का आरोप, आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की दे रहा था धमकी बेगूसराय में युवक की निर्मम हत्या, पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर डाला एसिड पटना में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 4 लाख की लूट, हथियारबंद 4 बदमाशों ने घटना को दिया अंजाम सीएम की कुर्सी छोड़ेंगे नीतीश कुमार लेकिन रूतबा बढ़ेगा: उनका सुरक्षा घेरा औऱ मजबूत होगा, Z+ के साथ SSG कवर भी रहेगा, स्पेशल कमांडो होंगे तैनात अरवल में गैस लीकेज से लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 5 लोग झुलसे मुंगेर में ONLINE ट्रेडिंग के नाम पर ठगी, युवक ने गंवाए 11.69 लाख रुपये परिवहन विभाग के ESI को पुलिस ने किया गिरफ्तार, चेक पोस्ट पर वसूली की शिकायत पर SP ने कराया अरेस्ट मुंगेर में गैस की कालाबाजारी पर कार्रवाई, छापेमारी के दौरान 13 डोमेस्टिक सिलेंडर जब्त
13-Apr-2021 07:04 AM
PATNA : शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों के अधिग्रहण के नाम पर कुछ तथाकथित संघों व व्यक्तियों द्वारा लोगों को गुमराह कर अवैध वसूली करने की शिकायत मिलने के बाद कड़ा रुख अपनाया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने सोमवार को सभी क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (आरडीडीई) व सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को निर्देश दिया है कि लोगों को निजी स्कूलों के अधिग्रहण के नाम पर गुमराह कर अवैध वसूली करने वाले संघों व व्यक्तियों का पता लगाकर उन पर कानूनी कार्रवाई करें।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकार के पास किसी निजी स्कूल के अधिग्रहण का प्रस्ताव नहीं है। निदेशक ने कहा है कि कई व्यक्तियों एवं संघों द्वारा गैर सरकारी प्रारंभिक विद्यालय के अधिग्रहण कर इसमें काम करने वाले शिक्षकों और अन्य स्टाफ के वेतन भुगतान के संबंध में आवेदन समय-समय पर विभाग को मिल रहा है। जबकि राज्य कैबिनेट ने 25 सितम्बर 2006 और 28 नवम्बर 2019 के विभागीय आदेश द्वारा स्कूलों के अधिग्रहण के प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया गया है।
शिक्षा विभाग ने कहा है कि ऐसी स्थिति में स्कूलों के अधिग्रहण का कोई औचित्य नहीं है। सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालय खोलने तथा शिक्षक उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है। 1993 में अधिग्रहण के मामले को नामंजूर कर दिया गया था। निदेशक ने यह भी स्पष्ट किया है कि वैसे स्कूल जो अधिग्रहण या राजकीयकरण का दावा करते हैं, उनकी किसी प्रकार की जांच कराने की आवश्यकता भी नहीं है।