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22-Feb-2025 07:58 AM
By First Bihar
बिहार के नवादा जिले के रजौली की हरदिया पंचायत स्थित फुलवरिया डैम पर जल्द ही ग्रिड से जुड़ा फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा। यह राज्य का पहला ऐसा प्रोजेक्ट होगा, जहां पानी पर तैरते सोलर पैनल के जरिए बिजली पैदा की जाएगी। इस प्लांट से नियमित 10 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा, जिससे पूरे इलाके को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा मिलेगी।
शुक्रवार को एसडीओ आदित्य कुमार पीयूष और सीओ गुफरान मझारी के साथ निर्माण एजेंसी की टीम ने फुलवरिया डैम का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि प्लांट के लिए 30-35 एकड़ क्षेत्र चिह्नित कर लिया गया है और इसकी स्वीकृति भी मिल गई है। प्रोजेक्ट का निर्माण 'रेस्को मोड' में होगा, जिसमें सोलर प्लांट का निर्माण निजी या सरकारी एजेंसी द्वारा किया जाएगा और बिजली कंपनियां निर्धारित दर पर बिजली खरीदेंगी। बिजली कंपनी के मुताबिक इस प्लांट से उत्पादित बिजली डिस्कॉम को 3.87 रुपये प्रति किलोवाट की दर से उपलब्ध कराई जाएगी। बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने इस योजना को मंजूरी दे दी है और 25 साल के लिए बिजली खरीद समझौता (पीपीए) किया जाएगा।
बिजली कंपनी ने बताया कि राज्य भर में कई जगहों पर ग्राउंड माउंटेड और फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना है। ऊर्जा विभाग ने जलाशयों में 1 मेगावाट से अधिक के फ्लोटिंग सोलर प्लांट और बेकार/बंजर जमीन पर ग्राउंड माउंटेड सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए बिहार राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड को नोडल एजेंसी बनाया है।
फ्लोटिंग सोलर प्लांट पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद होगा क्योंकि इससे कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह परियोजना राज्य की अक्षय ऊर्जा नीति को मजबूत करेगी। इससे पहले रजौली में परमाणु ऊर्जा संयंत्र की भी योजना बनाई गई थी, लेकिन अब सरकार हरित ऊर्जा की ओर बढ़ रही है। इस परियोजना से न केवल रजौली बल्कि आसपास के इलाकों को भी फायदा होगा। स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ने से बिजली की लागत कम होगी और स्थानीय लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी।