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11-Dec-2025 09:45 AM
By First Bihar
Bihar News: नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक सड़क हादसे ने एक परिवार को शोक में डुबो दिया है। साइकिल पर सवार होकर मजदूरी करने जा रहे 45 वर्षीय अधेड़ दिलीप यादव अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। यह हादसा यमुनापुर गांव के पास बिहारशरीफ-पटना मुख्य मार्ग पर हुआ। दिलीप सिरसिया बीघा गांव के निवासी स्वर्गीय ननन यादव के पुत्र थे। उनके घर से करीब 7 किलोमीटर दूर यह घटना घटी, जब वे रोज की तरह बिहारशरीफ जा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक एक तेज रफ्तार वाहन ने दिलीप को कुचल दिया और चालक मौके से भाग निकला। मौत की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने मृतक का शव सड़क पर रख दिया और मुख्य मार्ग जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक ट्रैफिक ठप रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। परिजन घटनास्थल पर पहुंचे तो शव देखकर चीख-पुकार मच गई। दिलीप परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
इस घटना की सूचना मिलते ही नूरसराय थाना प्रभारी अरविंद कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी जियाउल हक और अंचलाधिकारी दीपक कुमार अपनी टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को काफी समझाया-बुझाया, लेकिन वे मुआवजे और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। आखिरकार हल्का बल प्रयोग कर जाम हटवाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिजनों को 20,000 रुपये की आर्थिक मदद का आश्वासन दिया गया है।
थानाध्यक्ष ने बताया है कि अज्ञात वाहन की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आवेदन मिलते ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई होगी। यह हादसा एक बार फिर बिहार की सड़कों पर तेज रफ्तार और लापरवाह चालकों की समस्या को उजागर करता है। ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा उपायों की कमी से ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है।
Bihar News: नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक सड़क हादसे ने एक परिवार को शोक में डुबो दिया है। साइकिल पर सवार होकर मजदूरी करने जा रहे 45 वर्षीय अधेड़ दिलीप यादव अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। यह हादसा यमुनापुर गांव के पास बिहारशरीफ-पटना मुख्य मार्ग पर हुआ। दिलीप सिरसिया बीघा गांव के निवासी स्वर्गीय ननन यादव के पुत्र थे। उनके घर से करीब 7 किलोमीटर दूर यह घटना घटी, जब वे रोज की तरह बिहारशरीफ जा रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक एक तेज रफ्तार वाहन ने दिलीप को कुचल दिया और चालक मौके से भाग निकला। मौत की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने मृतक का शव सड़क पर रख दिया और मुख्य मार्ग जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक ट्रैफिक ठप रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। परिजन घटनास्थल पर पहुंचे तो शव देखकर चीख-पुकार मच गई। दिलीप परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
इस घटना की सूचना मिलते ही नूरसराय थाना प्रभारी अरविंद कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी जियाउल हक और अंचलाधिकारी दीपक कुमार अपनी टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को काफी समझाया-बुझाया, लेकिन वे मुआवजे और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। आखिरकार हल्का बल प्रयोग कर जाम हटवाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिजनों को 20,000 रुपये की आर्थिक मदद का आश्वासन दिया गया है।
थानाध्यक्ष ने बताया है कि अज्ञात वाहन की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आवेदन मिलते ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई होगी। यह हादसा एक बार फिर बिहार की सड़कों पर तेज रफ्तार और लापरवाह चालकों की समस्या को उजागर करता है। ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा उपायों की कमी से ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है।