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25-Nov-2025 09:50 PM
By First Bihar
MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र के कोल्हुआ पैगंबरपुर इलाके में चल रही फर्जी चिटफंड कंपनी के दफ्तर को मंगलवार को मजिस्ट्रेट की निगरानी में सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। पहले से लगे ताले को काटवाया गया, उसके बाद ट्रेनिंग सेंटर के अंदर तलाशी ली गई, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई।
मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। ठगी के शिकार पीड़ितों में नेपाल के कई जिलों के युवक भी शामिल हैं। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें सोशल साइट्स पर नौकरी का विज्ञापन मिला था। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर उन्हें ऑफिस बुलाया गया। कुछ लोगों को सीधे फोन कॉल आया था। अधिक वेतन पर नौकरी देने का दावा कर कंपनी ने उन्हें अपने कार्यालय बुलाया।
यहां रजिस्ट्रेशन के नाम पर 12 हजार रुपये वसूले गए। इसके बाद जिसकी जिस कार्य में रुचि थी, उसके अनुसार ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान नौकरी देने का वादा किया गया। फिर कागजात बनाने के नाम पर 25-25 हजार रुपये लिए गए। इतना ही नहीं, ज्वाइनिंग से पहले दो-दो लाख रुपये जमा कराने को कहा गया।
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद जब युवकों ने नौकरी की जानकारी मांगी, तो कंपनी के लोग भड़क गए और उन्हें कार्यालय से भगा दिया। पीड़ित रंजीत कापड़ द्वारा अहियापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोल्हुआ पैगंबरपुर स्थित कंपनी पर छापेमारी की और फर्जी कंपनी के चार कर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पीड़ितों के अनुसार गार्ड, पैकिंग बॉय समेत अन्य कार्यों के लिए नौकरी दिलाने के नाम पर ट्रेनिंग दी जा रही थी। ट्रेनिंग और हॉस्टल के मकान मालिक भी इस पूरे मामले में संलिप्त थे, जो कई बार डीलिंग भी करते थे।सिटी-एसपी कोटा किरण कुमार ने बताया कि फर्जी कार्यालय खोलकर युवकों से नौकरी के नाम पर ठगी करने के मामले में नेपाल निवासी रंजीत कापड़ की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। मकान मालिक की तलाश में छापेमारी जारी है। जिस मकान में फर्जी कंपनी चलाई जा रही थी, उसे मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सील कर दिया गया है। फिलहाल आगे की कार्रवाई की जा रही है।