ब्रेकिंग न्यूज़

मुजफ्फरपुर: मनीष राज हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, कुख्यात कन्हाई ठाकुर समेत 6 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल: अंजनी कुमार सिंह बने नगर थानाध्यक्ष, शरत कुमार को सदर की कमान दारोगा भर्ती परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़, महिला सिपाही समेत 4 हिरासत में बिहार में बढ़ते क्राइम के लिए BJP ने विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया, कहा..जब से तेजस्वी विदेश से लौटे हैं, तब से अपराध बढ़ गया है कटिहार में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव कटिहार के न्यू मार्केट में भीषण चोरी, ज्वेलरी शॉप का शटर उखाड़ 30 लाख के गहने ले उड़े चोर डेढ़ लाख की सैलरी और सीएम ऑफिस तक काम करने का मौका, मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के लिए जल्द करें आवेदन, नीतीश सरकार की बड़ी योजना बेगूसराय में बेलगाम ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा, युवक की मौत, जीजा की हालत गंभीर Bihar Bhumi: रैयतों के हित में सरकार का मेगा अभियान- दाखिल खारिज-परिमार्जन के 46 लाख आवेदनों का एक झटके में होगा निबटारा, राजस्व विभाग ने तय की तारीख, जानें... Bihar Top 10 News: नीट छात्रा कांड में अब तक पुलिस को सफलता नहीं, सारण में बनेगा नया एयरपोर्ट, पवन सिंह का वायरल वीडियो

Bihar News: बिहार में अब ऐसे डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी, नर्स और अन्य कर्मी भी रडार पर

Bihar News: सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने सभी चिकित्सकों और स्टाफ के लिए ड्रेस कोड लागू किया है। उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई..

Bihar News

04-Dec-2025 08:18 AM

By First Bihar

Bihar News: मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल में व्यवस्था सुधारने के लिए सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने सख्त कदम उठा लिया है। सभी चिकित्सकों और पारामेडिकल स्टाफ के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य कर दिया गया है। यदि कोई कर्मी इस नियम का पालन नहीं करता पाया जाता, तो उसके विरुद्ध तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को जारी आदेश में अस्पताल अधीक्षक और उपाधीक्षक को प्रत्येक सप्ताह निरीक्षण करने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया है।


ड्रेस कोड का मुख्य उद्देश्य पहचान को सरल बनाना और अस्पताल में अनुशासन स्थापित करना है। सिविल सर्जन ने बताया कि रोजाना बड़ी संख्या में मरीज आने से यह समस्या बढ़ जाती है कि कौन चिकित्सक है और कौन अन्य स्टाफ। यह कदम गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। सरकार की ओर से सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, फिर भी यदि इलाज में कमी आती है तो यह गंभीर मामला माना जाएगा।


इस बैठक में मरीज सुविधाओं पर भी जोर दिया गया है। अधीक्षक को निर्देश हैं कि मरीजों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था हो, साथ ही पीने के पानी की आपूर्ति निर्बाध रहे। बुजुर्ग मरीजों के लिए अलग OPD और वार्ड की स्थापना अनिवार्य की गई है। एम्बुलेंस, जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के अलावा इमरजेंसी और मातृ-शिशु स्वास्थ्य वार्ड में चिकित्सकों की पूर्ण उपस्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया गया। बेवजह रेफरल प्रथा को तत्काल समाप्त करने पर भी बल दिया गया है।


डॉ. कुमार ने चेतावनी दी कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले चिकित्सक या स्टाफ पर कठोर कार्रवाई होगी। अस्पताल प्रबंधन को साप्ताहिक रिपोर्ट जमा करने का दायित्व सौंपा गया है। यह पहल मुजफ्फरपुर जैसे व्यस्त अस्पतालों में सेवा स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में सकारात्मक कदम है।