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09-Mar-2026 09:35 PM
By First Bihar
MUNGER: मुंगेर में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (स्वास्थ्य उपकेंद्र) की महिला कर्मियों द्वारा ग्रामीणों को एक्सपायर्ड दवाइयां बांटे जाने का मामला उजागर हुआ है। घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मामले की लीपापोती में जुटे नजर आ रहे हैं। वहीं प्रभारी सिविल सर्जन ने कहा है कि मामले की जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, मुंगेर के जमालपुर प्रखंड के हालिमपुर गौरीपुर स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (स्वास्थ्य उपकेंद्र) में यह गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसने ग्रामीणों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया। उपकेंद्र में कार्यरत CHO रिबिका कुमारी, ANM निहारिका कुमारी और GNM प्रीति कुमारी द्वारा घर-घर जाकर ग्रामीणों के बीच दवाइयां वितरित की जा रही थीं।
ग्रामीणों के अनुसार स्वास्थ्य टीम नियमित जांच और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर बुखार, दर्द और संक्रमण की दवाइयां बांट रही थी। लेकिन जब कुछ जागरूक ग्रामीणों ने दवाओं के पैकेट पर छपी एक्सपायरी डेट देखी तो वे हैरान रह गए। कई दवाइयों की वैधता 6 से 12 महीने पहले ही समाप्त हो चुकी थी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी इन स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा एक्सपायर्ड दवाइयां बांटी जा चुकी हैं। लोगों का कहना है कि दवा देते समय उन्हें किसी प्रकार की जानकारी भी नहीं दी गई। गांव की महिलाओं ने यह सोचकर दवा ले ली कि सरकारी अस्पताल से दी जा रही है, इसलिए सही होगी। ग्रामीणों ने कहा कि एक्सपायर्ड दवाइयां खाने से किसी की जान भी जा सकती थी। यह सीधे तौर पर लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ है।
वहीं इस मामले पर प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. रमन कुमार ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम का गठन कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।