Bihar News: मधुबनी में पिछले 48 घंटे के भीतर दो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एक्शन के बाद जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। डकैती की घटना को चोरी की घटना दर्ज करने पर लखनौर थाना अध्यक्ष रेणु कुमारी पर गाज गिर चुकी है।
दरअसल, हाल ही में बिहार के पुलिस महानिदेशक ने पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर सख्त निर्देश जारी किए थे और भ्रष्टाचार व अपराध से संबंध रखने वाले कर्मियों पर तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया था। इसी निर्देश के तहत यह कार्रवाई की गई है।
एसपी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, संतोष कुमार को अनुसंधानकर्ता के रूप में जयनगर थाना में तैनात किया गया था लेकिन वे अनुसंधान कार्यों में रुचि नहीं ले रहे थे और अक्सर थाना परिसर में दलालों के साथ देखे जाते थे। आम नागरिकों की शिकायतों के आधार पर, उन पर भू-माफिया और बालू माफियाओं से संपर्क रखने और अन्य अवैध गतिविधियों में लिप्त रहने के आरोप लगे हैं।
एसडीपीओ की रिपोर्ट में कहा गया कि संतोष कुमार का आचरण पुलिस विभाग की गरिमा और अनुशासन के विरुद्ध है। इससे थाने की कार्यशैली प्रभावित हो रही थी और पुलिस की सार्वजनिक छवि भी धूमिल हो रही थी। एसपी ने संतोष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उन्हें सामान्य जीवन भत्ता पर रखा है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, मधुबनी निर्धारित किया गया है। साथ ही, उन्हें पांच दिनों के भीतर अपने खिलाफ लगे आरोपों पर स्पष्टीकरण देने का निर्देश भी दिया गया है।
बता दें कि 26 ,27 अप्रैल की रात्रि लखनौर थाना क्षेत्र के मैवीं गांव के डीह टोल में दो भाई के घर हुई डकैती के मामले को चोरी का मामला दर्ज करने के मामले को एसपी योगेंद्र कर ने खुद जांच में डकैती की घटना को सत्य पाया जिसके बाद थाना अध्यक्ष रेणु कुमारी को निलंबित कर दिया। 48 घंटे के भीतर दो पुलिस कर्मियों के निलंबन से जिले में भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों में हरकंप मच गया है।
रिपोर्ट- कुमार गौरव, मधुबनी