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LPG supply rule : यदि आपके भी घर के पास पहुंच गई है PNG तो अब हर हाल में लेना होगा कनेक्शन, सरकार का सख्त आदेश, कहा —सिलेंडर होगा बंद

LPG संकट के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जिन इलाकों में PNG सुविधा उपलब्ध है, वहां 3 महीने में कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा, नहीं तो गैस सप्लाई बंद हो सकती है।

26-Mar-2026 07:50 AM

By First Bihar

LPG supply rule : देश में एलपीजी (LPG) संकट की आशंकाओं और बढ़ती ऊर्जा मांग के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार अब पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को तेजी से बढ़ावा देने के लिए सख्त नीति लागू कर रही है। इसके तहत जिन इलाकों में पीएनजी का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो चुका है, वहां रहने वाले लोगों को तय समय सीमा के भीतर पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा।


पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, कंपनियों को अब उपभोक्ताओं को निश्चित समय-सीमा के भीतर पीएनजी कनेक्शन देना होगा। अगर कंपनियां इसमें लापरवाही करती हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, उपभोक्ताओं के लिए भी यह साफ कर दिया गया है कि अगर वे जानबूझकर पीएनजी कनेक्शन नहीं लेते हैं, तो उनकी एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बंद की जा सकती है।


मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य घरों तक पाइप के जरिए गैस पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करना है। इससे न केवल एलपीजी पर निर्भरता कम होगी, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी। सरकार का मानना है कि पीएनजी एक सुरक्षित, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है, जिसे ज्यादा से ज्यादा घरों तक पहुंचाना जरूरी है।


नई व्यवस्था के तहत कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां निर्धारित समय के भीतर उपभोक्ताओं को कनेक्शन मिल जाए। इससे सेवा मानकों में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन इलाकों में तकनीकी कारणों से पीएनजी कनेक्शन देना संभव नहीं है, वहां इस नियम से छूट दी जाएगी।


सरकार ने इस नीति में उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए कई प्रावधान किए हैं। स्थानीय प्रशासन या निजी संस्थाएं अब पाइपलाइन बिछाने के काम में मनमाने तरीके से बाधा नहीं डाल सकेंगी। इससे गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार में तेजी आएगी और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि स्पष्ट नियम और तेज मंजूरी प्रक्रिया से कारोबार सुगमता में भी सुधार होगा।


सबसे अहम बात यह है कि जिन घरों के पास पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से मौजूद है, उन्हें तीन महीने के भीतर कनेक्शन लेना होगा। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके घरों में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति रोक दी जाएगी। हालांकि, यदि किसी उपभोक्ता के घर में तकनीकी कारणों से पीएनजी कनेक्शन देना संभव नहीं है, तो उन्हें इस नियम से छूट दी जाएगी।


सरकार की योजना के तहत देशभर में करीब 60 लाख ऐसे घर चिन्हित किए गए हैं, जिनके आसपास पीएनजी नेटवर्क पहले से मौजूद है। इन घरों को आसानी से पाइप्ड गैस कनेक्शन दिया जा सकता है। इन उपभोक्ताओं को उनके एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर या ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से SMS, फोन कॉल या वॉयस मैसेज के जरिए सूचना दी जाएगी।


विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न केवल एलपीजी की मांग में कमी आएगी, बल्कि गैस सप्लाई सिस्टम भी ज्यादा स्थिर और मजबूत बनेगा। आने वाले समय में यह नीति देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।