अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन मोकामा गंगा रेल पुल को लेकर आया बड़ा अपडेट, इस महीने से शुरू हो जाएगा परिचालन अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर अब गांव भी जिलों से हुए कनेक्ट, 2,362 किमी सड़कों से मुजफ्फरपुर में बदली विकास की तस्वीर बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड बिहार में परिवहन विभाग की बड़ी उपलब्धि, 4191 करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल कर बनाया रिकॉर्ड
01-May-2020 01:51 PM
PATNA : आज मजदूर दिवस हैं। मजदूरों को सम्मान देने का दिन है। लेकिन बिहार सरकार मजदूरों के मुद्दे पर घिरती ही चली जा रही है। बार-बार सरकार बिहार के बाहर फंसे मजदूरों को वापस उनके घर लाने में असमर्थता जता रही हैं। वहीं इस बीच झारखंड के मजदूरों को तेलंगना से ट्रेन रवाना हो चुकी है। ऐसे में सरकार की और भी ज्यादा किरकिरी हो रही है। 'एक तो करैला उपर से नीम चढ़ा' के कहावत को चरितार्थ करते हुए मजदूर दिवस के ही दिन बिहार सरकार के श्रम मंत्री बिगड़े बोल बोल रहे हैं।
बिहार के श्रम मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार के लोग जो बाहर रहते हैं अगर वो अपने राज्य आना चाहते हैं तो आएं उनका स्वागत है। उनका अपना घर है लेकिन जब बिहार आएं तो अपने साथ कोरोना जैसी संक्रामक बीमारी ना लाएं। मुश्किल के इस वक्त में अपने लोगों को वापस लाने के बजाए मंत्री जी उलटबासी कर रहे हैं। सरकार एक तो मजदूरो के लौटने का इंतजाम नहीं कर पा रही है। सरकार इस मुद्दे पर हाथ खड़ा करते दिख रही है वहीं मंत्री जी बिगड़े बोल बोलने बाज नहीं आ रहें।
श्रम मंत्री विजय सिन्हा कहते हैं कि इतनी बड़ी आबादी को बिहार में लाने में समस्या तो है लेकिन बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो हालात ठीक होने के बाद बिहार नहीं आना चाहते हैं। फिर भी समस्या तो है लेकिन इसके लिए हमारी सरकार वैसे राज्यों से बात कर इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करेगी। लेकिन ये प्रक्रिया कब तक चलेगी इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं कह सकते हैं।
बता दें कि बिहार के लाखों मजदूर देश के विभिन्न राज्यों में फंस पड़े हैं। वे लोग किसी भी कीमत पर घर लौटना चाहते हैं। इस बीच मजदूर दिवस के मौके पर बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड ने इस मुद्दे पर बड़ी सफलता हासिल करते हुए तेलंगना से ट्रेन चलवा कर हजारों की संख्या में मजदूरों को घर वापस ला रही है। वहीं इससे पहले बिहार के डिप्टी सीएम ने केन्द्र सरकार से ट्रेन चलाने की मांग करते हुए बिहार के मजदूरों को वापस लाए जाने में असमर्थता जाहिर कर दी थी।