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03-Jun-2025 10:34 PM
By Dhiraj Kumar Singh
JAMUI: बिहार के जमुई जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में नवपदस्थापित जिलाधिकारी नवीन कुमार ने अपने कार्यकाल की शुरुआत कड़े प्रशासनिक एक्शन से की है। पदभार ग्रहण करने के महज एक घंटे के भीतर वो झाझा रेफरल अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंच गये। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन में खलबली मच गई।
देर शाम तक चला निरीक्षण, स्टाफ रहे सकते में
मंगलवार शाम लगभग 5:00 बजे, डीएम नवीन कुमार अचानक झाझा अस्पताल पहुंच गए और वहाँ की व्यवस्थाओं का सघन निरीक्षण शुरू कर दिया। यह औचक जांच करीब 7:00 बजे रात तक चली। डीएम ने अस्पताल परिसर की सफाई, ओपीडी की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता, रोगियों की देखभाल और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की उपस्थिति की बारीकी से समीक्षा की।
डॉक्टर से तीखा सवाल: "आपको कहीं घर से तो नहीं बुलाया गया?"
निरीक्षण के दौरान जब एक डॉक्टर मौके पर मौजूद मिले, तो डीएम ने बेहद सीधा और स्पष्ट सवाल दागा। उन्होंने डॉक्टर से पूछा कि “आपको घर से बुलाया गया है या आप ड्यूटी पर थे?” डीएम का यह सवाल सुनकर स्टाफ असहज हो उठा, लेकिन यह स्पष्ट हो गया कि नवीन कुमार कार्य संस्कृति में सुधार और जवाबदेही तय करने के मूड में हैं।
जिले में चर्चा का विषय बना डीएम का एक्शन
डीएम के इस एक्शन ने पूरे जिले में सक्रिय प्रशासन का संदेश भेजा है। लोगों में उम्मीद जगी है कि अगर यह सतर्कता बनी रही, तो जमुई की अब तक उपेक्षित स्वास्थ्य व्यवस्था में भी बड़ा सुधार संभव हो सकता है।
लचर स्वास्थ्य सेवाओं पर कस सकती है लगाम
अब तक जिले में स्वास्थ्य सेवाएं अव्यवस्था और संसाधनों की कमी के कारण सुर्खियों में रही हैं। कई जगह डॉक्टरों की अनुपस्थिति, दवाओं की कमी और सफाई में लापरवाही की शिकायतें आम रही हैं। ऐसे में जिलाधिकारी का यह औचक निरीक्षण एक सशक्त संदेश है कि अब कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।