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जमुई में बालू का अवैध खनन जारी, प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल

जमुई के मलयपुर थाना क्षेत्र स्थित बेला बथान के जंगल में दिनदहाड़े अवैध बालू लोडिंग जारी है। स्थानीय लोग प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि खनन विभाग ने जांच और छापेमारी की बात कही है।

04-Dec-2025 08:35 PM

By Dhiraj Kumar Singh

JAMUI: बिहार के डिप्टी सीएम, खान-भूतत्व एवं राजस्व-भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा भले ही राज्य में बालू, शराब और जमीन माफिया पर लगाम कसने की बात करते हैं। लेकिन इसकी जमीनी हकीकत किसी से छिपी हुई नहीं है। सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद ये तमाम माफिया बेखौफ होकर काम को अंजाम दे रहे हैं। बात जमुई की करें तो यहां के बालू माफिया पर सरकार के निर्देशों का कोई असर नहीं दिख रहा है। बालू माफिया लगातार अवैध खनन और परिवहन का धंधा चला रहे हैं।


ताजा मामला जमुई जिले के मलयपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ बेला बथान गांव के जंगली क्षेत्र बगीचा में दिनदहाड़े अवैध बालू लोडिंग का खेल खुलेआम जारी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह अवैध गतिविधि रात के अंधेरे में नहीं, बल्कि दिन के उजाले में बेरोकटोक की जा रही है।


स्थानीय लोगों के अनुसार किऊल नदी के देवाचक घाट से अवैध रूप से बालू निकालकर पहले बेला बथान के जंगल में डंप किया जाता है। इसके बाद मोटी रकम लेकर ट्रैक्टर और टीपर में बालू की लोडिंग की जाती है। बताया जा रहा है कि यह बालू लखीसराय, मुंगेर तथा आसपास के कई इलाकों तक सप्लाई किया जाता है।


गांव के आसपास ट्रैक्टर और टीपरों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं, जिनमें से कई वाहन बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि प्रशासन बार-बार कार्रवाई का दावा करता है, लेकिन हकीकत में माफियाओं को न प्रशासन का डर है, न ही कानून का खौफ।


दिनदहाड़े लोडिंग की तस्वीरें भी इस बात की पुष्टि करती हैं कि यह अवैध कारोबार बड़े संरक्षण में चल रहा है। ऐसे में पुलिस और खनन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस पूरे रैकेट में शामिल लोग बड़े स्तर पर अवैध ट्रांसपोर्ट की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करते हैं और संबंधित विभागों की तरफ से कोई मजबूत कार्रवाई दिखाई नहीं देती।


जमुई के खनन पदाधिकारी केशव कुमार ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। आपसे मिली सूचना के आधार पर संबंधित स्थान पर छापेमारी टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही धंधे में शामिल लोगों पर मामला दर्ज कराया जाएगा। अब सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध बालू डंप और तस्करी का नेटवर्क चल रहा है, जहाँ बालू तस्कर बिना किसी भय के दिन-रात अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।