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Iran-Israel War: खाड़ी देशों में फंसे बिहार के हजारों लोग, कुवैत-कतर से दूतावास की एडवाइजरी जारी

ईरान-इजराइल तनाव के बाद खाड़ी देशों में रह रहे बिहार के हजारों लोग चिंतित हैं। कतर, कुवैत, सऊदी अरब समेत कई देशों में बसे प्रवासी भारतीयों ने फिलहाल खुद को सुरक्षित बताया है। भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।

01-Mar-2026 09:18 AM

By First Bihar

International News : ईरान-इजराइल तनाव के बीच खाड़ी देशों में रह रहे बिहार के हजारों परिवारों की धड़कनें तेज हो गई हैं। संभावित युद्ध की आशंका ने राज्य के उन घरों में बेचैनी बढ़ा दी है, जिनके अपने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, ओमान, बहरीन, कुवैत, मलेशिया, जॉर्डन और इराक जैसे देशों में काम कर रहे हैं। हालांकि वहां मौजूद लोगों का कहना है कि फिलहाल वे सुरक्षित हैं, लेकिन हालात बिगड़ने की आशंका को लेकर चिंता बनी हुई है।


कतर की राजधानी दोहा में मिथिलांचल के तीन परिवार रह रहे हैं। अररिया के विनय मिश्रा, धीरेन्द्र चौधरी और मधुबनी के नीरज चौधरी वहां निजी कंपनियों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं। विनय मिश्रा ने बताया कि हवाई हमले की सूचना मिलते ही वहां अलर्ट घोषित कर दिया गया। “हम लोग अपने-अपने घरों में थे, लेकिन शाम होते-होते सभी एक जगह इकट्ठा हो गए और रात साथ में गुजारी। सरकार की ओर से सुरक्षा निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल कोई सीधी परेशानी नहीं है, लेकिन घरवालों की चिंता स्वाभाविक है,” उन्होंने कहा।


उन्होंने बताया कि रिहायशी इलाकों में रहने के कारण वे खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं, लेकिन बिहार में परिवार के लोग हर घंटे फोन कर हालचाल ले रहे हैं। धीरेन्द्र चौधरी ने भी बताया कि अभी स्थिति नियंत्रण में है, पर यदि संघर्ष बढ़ता है तो मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। नीरज चौधरी ने कहा कि सभी भारतीय एक-दूसरे के संपर्क में हैं और एहतियात बरत रहे हैं।


इधर, हैदराबाद से कतर जाने की तैयारी में जुटे अररिया और पूर्णिया के कई परिवारों को एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया। उड़ानें रद्द होने के कारण उन्हें रात हैदराबाद में ही रुकना पड़ा। संबंधित परिवारों को अब रविवार को बिहार लौटने की सलाह दी गई है। हालात सामान्य होने के बाद ही वे दोबारा यात्रा कर सकेंगे।


कुवैत में भी बड़ी संख्या में बिहार के लोग कार्यरत हैं। पटना के गोला रोड निवासी श्रवण कुमार, जो कुवैत ऑयल कंपनी में इंजीनियर हैं, ने बताया कि मिसाइल हमले के बाद कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। “जिस इलाके में हमला हुआ, वहां आम नागरिकों का आवागमन नहीं होता, इसलिए किसी प्रकार की मानवीय क्षति की सूचना नहीं है। हम सभी भारतीय अपने परिवारों के संपर्क में हैं और फिलहाल सुरक्षित हैं,” उन्होंने कहा।


श्रवण कुमार ने बताया कि उन्हें एक मार्च को होली के अवसर पर भारत लौटना था, लेकिन मौजूदा स्थिति में यात्रा संभव नहीं लग रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर सभी भारतीयों से सुरक्षा नियमों का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में संपर्क के लिए हेल्पलाइन नंबर 96565501946 जारी किया गया है।


अनुमान है कि कुवैत में करीब दस लाख से अधिक भारतीय रहते हैं, जिनमें बड़ी संख्या बिहार और अन्य उत्तर भारतीय राज्यों से है। ऐसे में तनाव की खबरों ने प्रवासी भारतीयों के साथ-साथ उनके परिजनों की चिंता भी बढ़ा दी है। बिहार के कई जिलों—अररिया, पूर्णिया, मधुबनी, पटना और दरभंगा—में परिवार अपने परिजनों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।


हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान या भारतीय नागरिकों के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन हालात पर सभी की नजर बनी हुई है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार से भी परिजन लगातार अपडेट की मांग कर रहे हैं। फिलहाल खाड़ी देशों में रह रहे बिहार के लोगों का कहना है कि वे सुरक्षित हैं, एक-दूसरे के संपर्क में हैं और आधिकारिक निर्देशों का पालन कर रहे हैं, लेकिन युद्ध की आशंका ने सभी को सतर्क और चिंतित कर दिया है।