ब्रेकिंग न्यूज़

खगड़िया में गंगा कटाव रोकने के लिए लोगों ने किया उपवास, महिलाओं ने की गंगा मईया की पूजा बेगूसराय में संदिग्ध हालात में वृद्धा की मौत, परिजनों ने लगाया पीट-पीटकर हत्या का आरोप मुजफ्फरपुर में युवती की हत्या मामला, प्रेमी पर सिर में गोली मारने का आरोप, आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की दे रहा था धमकी बेगूसराय में युवक की निर्मम हत्या, पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर डाला एसिड पटना में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 4 लाख की लूट, हथियारबंद 4 बदमाशों ने घटना को दिया अंजाम सीएम की कुर्सी छोड़ेंगे नीतीश कुमार लेकिन रूतबा बढ़ेगा: उनका सुरक्षा घेरा औऱ मजबूत होगा, Z+ के साथ SSG कवर भी रहेगा, स्पेशल कमांडो होंगे तैनात अरवल में गैस लीकेज से लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 5 लोग झुलसे मुंगेर में ONLINE ट्रेडिंग के नाम पर ठगी, युवक ने गंवाए 11.69 लाख रुपये परिवहन विभाग के ESI को पुलिस ने किया गिरफ्तार, चेक पोस्ट पर वसूली की शिकायत पर SP ने कराया अरेस्ट मुंगेर में गैस की कालाबाजारी पर कार्रवाई, छापेमारी के दौरान 13 डोमेस्टिक सिलेंडर जब्त

Home / bihar / Holika Dahan 2026: होलिका दहन की राख लाने का सही समय और तरीका,...

Holika Dahan 2026: होलिका दहन की राख लाने का सही समय और तरीका, जानें तिलक व उपाय

2 मार्च 2026 को होलिका दहन के बाद राख घर कब और कैसे लाएं? जानें सही समय, तिलक विधि, लाभ और धन-समृद्धि के उपाय।

01-Mar-2026 11:48 AM

By First Bihar

Holika Dahan 2026 : हिंदू धर्म में होलिका दहन की राख को अत्यंत पवित्र और चमत्कारी माना गया है। यह राख बुराई के अंत और सकारात्मक ऊर्जा के आरंभ का प्रतीक है। वर्ष 2026 में होलिका दहन 2 मार्च को प्रदोष काल में किया जाएगा। मान्यता है कि इस अग्नि में नकारात्मक शक्तियां, दोष और बाधाएं जलकर भस्म हो जाती हैं और जो राख शेष बचती है, वह रक्षा कवच का काम करती है। शास्त्रों में इसे पवित्र भस्म की संज्ञा दी गई है, जो नजर दोष, ग्रह पीड़ा, आर्थिक संकट और स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में सहायक मानी जाती है।


राख लाने का सही समय क्या है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलिका दहन की राख अगले दिन यानी धुलेंडी की सुबह लानी चाहिए। विशेष रूप से सूर्योदय से पहले या सूर्योदय के समय राख लाना शुभ माना गया है। ध्यान रखें कि राख पूरी तरह ठंडी हो चुकी हो। यदि उसमें गर्माहट हो तो उसे ठंडा होने दें। स्नान करके, स्वच्छ वस्त्र धारण कर और मन में श्रद्धा भाव रखकर ही राख लेने जाएं। शाम या रात में राख लाना उचित नहीं माना गया है।


राख लाने की सही विधि

राख को कभी भी सीधे हाथ से न उठाएं। एक साफ लाल या पीले कपड़े में सावधानीपूर्वक बांधकर घर लाएं। राख को जमीन पर न रखें और न ही किसी अपवित्र स्थान पर छोड़ें। घर लाकर इसे पूजा स्थल, तिजोरी या किसी ऊंचे और स्वच्छ स्थान पर स्थापित करें। कई लोग इसे तांबे या चांदी के छोटे पात्र में सुरक्षित रखते हैं। राख लाते समय भगवान विष्णु या हनुमान जी का स्मरण करना शुभ माना जाता है। संभव हो तो परिवार के किसी सदस्य को साथ लेकर जाएं।


तिलक और अन्य उपयोग

धुलेंडी की सुबह स्नान के बाद राख में थोड़ा गंगाजल मिलाकर माथे पर तिलक लगाएं। परिवार के सभी सदस्य तिलक करें। मान्यता है कि इससे बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। बच्चों को हल्का तिलक लगाने से नजर दोष से रक्षा होती है। कुछ लोग घर के चारों कोनों में हल्की मात्रा में राख छिड़कते हैं, जिससे वातावरण शुद्ध बना रहता है।


व्यापार में उन्नति के लिए राख को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें। नए कार्य की शुरुआत से पहले हल्का तिलक लगाना शुभ माना जाता है। गुरुवार या शुक्रवार को राख में हल्दी मिलाकर मुख्य द्वार पर स्वस्तिक बनाना भी लाभकारी बताया गया है। यदि घर में आर्थिक रुकावट हो तो थोड़ी राख बहते जल में प्रवाहित करने की परंपरा भी है।


रखें ये सावधानियां

राख को कभी मजाक या खेल के रूप में प्रयोग न करें। इसे श्रद्धा और सम्मान के साथ संभालें। यदि राख की आवश्यकता समाप्त हो जाए तो उसे बहते जल में प्रवाहित कर दें। राख को गंदे स्थान या कूड़े में न फेंकें।धार्मिक विश्वासों के अनुसार, होलिका दहन की राख जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। सही समय और विधि से राख को घर लाकर उपयोग करने से नकारात्मकता दूर होती है और परिवार में शांति बनी रहती है। यह परंपरा आस्था से जुड़ी है, इसलिए इसे पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ निभाना ही शुभ फलदायी माना गया है।


डिस्क्लेमर : यह लेख धार्मिक मान्यताओं, परंपराओं और लोकविश्वासों पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य सूचना प्रदान करना है। इन उपायों और मान्यताओं के वैज्ञानिक प्रमाण आवश्यक रूप से उपलब्ध हों, यह जरूरी नहीं है।