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11-Feb-2026 12:28 PM
By First Bihar
BIHAR HIGHWAY ALERT: बिहार के गोपालगंज जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। जहां गंडक नदी पर बना ऐतिहासिक डुमरिया घाट पुल अब खतरे की जद में आ गया है। जानकारी के मुताबिक 210 टन वजनी दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग को इस पुल से पार कराने के दौरान पुल का अहम हिस्सा स्प्रिंग (बेयरिंग) क्षतिग्रस्त हो गया। इस तकनीकी खराबी के कारण पुल में होने वाला प्राकृतिक कंपन (वाइब्रेशन) रुक गया है, जो किसी भी बड़े पुल की मजबूती के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।
बताया जा रहा है कि पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया (कल्याणपुर) स्थित विराट रामायण मंदिर के लिए 210 टन वजनी विशाल शिवलिंग ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसे डुमरिया घाट पुल से पार कराया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि वर्ष 1974 में बने इस पुल की भार वहन क्षमता महज 110 टन है। यानी पुल पर उसकी निर्धारित क्षमता से लगभग दोगुना वजन डाला गया।
इंजीनियरों के अनुसार, अत्यधिक भार पड़ने से पुल के स्प्रिंग (बेयरिंग) क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पुल का लचीलापन प्रभावित हुआ है। पुल में कंपन का रुक जाना इस बात का संकेत है कि संरचना पर गंभीर दबाव पड़ा है। शुरुआती जांच के बाद तकनीकी टीम ने जिला प्रशासन को स्थिति की जानकारी दी है और पुल की हालत को चिंताजनक बताया है।
डुमरिया घाट पुल राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (NH-27) पर स्थित है, जो देश की प्रमुख लाइफलाइन मानी जाती है। यह राजमार्ग गुजरात से लेकर असम के गुवाहाटी तक को जोड़ता है। ऐसे में इस पुल पर भारी और लगातार ट्रैफिक दबाव बना रहता है।
पुल में आई तकनीकी खराबी के बाद प्रशासन ने एहतियातन भारी वाहनों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर ट्रैफिक डायवर्ट करने की तैयारी भी की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से तत्काल विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। प्रशासन ने पुल की पूरी तकनीकी जांच कराने का निर्देश दिया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पुल की वर्तमान स्थिति कितनी सुरक्षित है और आगे क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए NHAI ने इसके समानांतर बन रहे नए पुल के निर्माण कार्य में तेजी ला दी है। अधिकारियों का कहना है कि नए पुल के तैयार होते ही ट्रैफिक का दबाव पुराने पुल से हटाया जा सकेगा, जिससे बड़े हादसे की आशंका को कम किया जा सके।
करीब पांच दशक पुराना डुमरिया घाट पुल अब अपनी उम्र और क्षमता की सीमा पर पहुंच चुका है। 210 टन के भारी शिवलिंग को पार कराने की घटना ने इसकी कमजोरी उजागर कर दी है। फिलहाल प्रशासन और NHAI की निगरानी में हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।