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07-Jan-2026 05:17 PM
By First Bihar
GAYAJEE: नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को बड़ा झटका लगा है। गयाजी में जेडीयू के प्रदेश सचिव सहित कई पुराने कार्यकर्ताओं ने एक साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी छोड़ने वाले नेताओं ने कार्यकर्ताओं ने उपेक्षा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जेडीयू में अब कार्यकर्ताओं को तबब्जों नहीं दी जाती है। हमेशा उन्हें उपेक्षित रखा जाता है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू को बड़ा झटका लगा है, जहां गया जिले में पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. चंदन कुमार यादव ने अपने दर्जनों समर्थकों के साथ पार्टी के पद और सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. इसके लिए उन्होंने पार्टी के प्रदेश के वरीय नेताओं पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया है. चंदन कुमार यादव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफी नजदीकी माने जाते हैं और लगभग 20-22 वर्षों से पार्टी में रहकर संगठन की मजबूती के लिए लगातार कार्य करते रहे हैं.
जदयू प्रदेश सचिव डॉ. चंदन कुमार यादव ने अपने पद के साथ-साथ जदयू की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपने त्यागपत्र में पार्टी संगठन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा है कि जदयू में अब संगठनात्मक लोकतंत्र समाप्त हो चुका है और वर्षों से पार्टी को सींचने वाले समर्पित नीतीशवादी कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है. उनके अनुसार पार्टी में कुछ मुट्ठी भर स्वयंभू नेता अपने करीबी लोगों को संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर स्थापित कर रहे हैं, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है.
उन्होंने कहा कि वे पिछले 20 से 22 वर्षों से छात्र जीवन के समय से ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जनता दल यूनाइटेड के लिए निरंतर कार्य करते आ रहे हैं. उस दौर में भी उन्होंने पार्टी का प्रचार-प्रसार किया जब गया जिले में राजद के बाहुबली नेताओं का दबदबा था और कार्यकर्ता खुलकर राजनीति करने से डरते थे. उन्होंने अपने जान-माल की परवाह किए बिना पार्टी को मजबूत करने का कार्य किया.
प्रदेश सचिव ने यह भी आरोप लगाया कि आज पार्टी की स्थिति यह हो गई है कि पार्टी मुख्यालय में बैठे कुछ तथाकथित मठाधीशों की परिक्रमा किए बिना न तो संगठनात्मक दायित्व मिलता है और न ही मुख्यमंत्री से मुलाकात संभव है. ऐसे में नीतीशवादी विचारधारा के समर्पित कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी में कोई स्थान नहीं बचा है.
इस्तीफे के संबंध में उन्होंने कहा कि यह त्याग किसी व्यक्तिगत नाराजगी के कारण नहीं बल्कि पार्टी और नेता के हित में किया गया है, ताकि उनके पद पर ऐसे लोगों को मौका दिया जा सके, जो नेतृत्व की अपेक्षाओं पर खरे उतरते हों. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना राजनीतिक आदर्श बताते हुए कहा कि वे हमेशा उनके शुभचिंतक रहेंगे.
गया से नितम राज की रिपोर्ट