मुजफ्फरपुर से लापता बंगाल का मजदूर 6 साल बाद पुणे में मिला, पुलिस ने ऐसे सुलझाई गुत्थी लखीसराय DM मिथिलेश मिश्र का तबादला, ADM नीरज कुमार को मिला अतिरिक्त प्रभार पूर्व DSP गौतम कुमार सस्पेंड: आय से अधिक संपत्ति मामले में सरकार की बड़ी कार्रवाई, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना 25 लाख युवाओं को मुफ्त टैबलेट देगी सरकार, इन अनुबंधकर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला 25 लाख युवाओं को मुफ्त टैबलेट देगी सरकार, इन अनुबंधकर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला LPG यूजर्स ध्यान दें: समय रहते जरूर कर लें AADHAAR से जुड़ा यह जरूरी काम, वरना नहीं बुक होगा गैस सिलेंडर LPG यूजर्स ध्यान दें: समय रहते जरूर कर लें AADHAAR से जुड़ा यह जरूरी काम, वरना नहीं बुक होगा गैस सिलेंडर BIHAR: जहरीली शराब से 10 लोगों की मौत के बाद एक्शन में पुलिस, 3500 लीटर शराब को किया नष्ट ड्यूटी पर तैनात दारोगा ताज मोहम्मद खान को टेम्पू ने मारी टक्कर, ब्रेन हेमरेज से मौत बिहार में फिर बदला मौसम का मिजाज: आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, 12 जिलों के लिए चेतावनी
29-Jul-2022 10:55 AM
By AJIT
DESK : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के 67वें एग्जाम के पेपर लीक मामले को लेकर लगातार कई खुलासे हो रहे हैं। कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस बार गया के पूर्व DM अभिषेक सिंह की मुसीबत बढ़ सकती है। अभिषेक सिंह आर्थिक अपराध इकाई के निशाने पर हैं और उनसे जल्द ही पूछताछ की जा सकती है। दरअसल, अभिषेक सिंह पर बड़ा आरोप लगा है, जिसके बाद अब EOU की टीम हरकत में आ सकती है।
मामले से जुड़ी जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक़ गया के डेल्हा से राम शरण सिंह इवनिंग कॉलेज के प्रिंसिपल और जेडीयू नेता शक्ति कुमार की गिरफ्तारी के बाद गया के पूर्व DM अभिषेक सिंह का कनेक्शन सामने आया है और अब जल्द ही इनके ऊपर गाज गिर सकती है। बताया ये भी जा रहा है कि पूर्व डीएम अभिषेक सिंह से ऐसे कई खुलासे करवाए जा सकते हैं, जो अब तक केवल एक राज़ बना हुआ है। सवाल उठाये जा रहे हैं कि शक्ति कुमार के कॉलेज को BPSC के 67वें एग्जाम का सेंटर कैसे बना दिया गया, जबकि इसके लिए कोई रेकमेंडेशन भी नहीं था।
EOU को इस बात की जानकारी मिली थी कि क्वेश्चन पेपर को लीक करने के पीछे जेल में बंद राम शरण सिंह इवनिंग कॉलेज प्रिंसिपल शक्ति कुमार का हाथ था। इसके बाद टीम हरकत में आई और फिर शक्ति कुमार का गया के पूर्व DM से कनेक्शन सामने आया। दरअसल, BPSC जैसे बड़े एग्जाम का सेंटर बनाए जाने के लिए क्राइटेरिया को पूरा करना पड़ता है, लेकिन शक्ति कुमार के कॉलेज का इससे दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था। हैरानी की बात तो ये है कि यहां 500-600 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था तक नहीं की गई थी, लेकिन इसके बाद भी राम शरण सिंह इवनिंग कॉलेज को BPSC का सेंटर बनाया गया। ये फैसला भी पूर्व DM अभिषेक सिंह ने ही लिया था।