Best River Rafting in India: तेज़ धार, ऊंचे पहाड़ और यादगार एडवेंचर... रिवर राफ्टिंग के लिए बेस्ट हैं ये 5 लोकेशन्स Bihar Energy News : बिहार में इस सरकारी कंपनी का जल्द आएगा IPO, ऑफिसर ने किया कन्फर्म; NSE में होगी लिस्टिंग ‘NDA ने चुनाव जीतने के लिए 125 यूनिट फ्री बिजली का 'झुनझुना' थमाया’, विद्युत दरों में बढ़ोतरी पर भड़के मुकेश सहनी ‘NDA ने चुनाव जीतने के लिए 125 यूनिट फ्री बिजली का 'झुनझुना' थमाया’, विद्युत दरों में बढ़ोतरी पर भड़के मुकेश सहनी Ganga Aarti : बिहार में बनारस जैसा नजारा! पटना के घाटों पर शुरू होगी भव्य गंगा महाआरती, जानिए कब और कहां क्या आपका चेहरा भी धूप में रहने से पड़ गया है काला? बिना पार्लर जाए अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय और लौटाएं त्वचा की खोई हुई निखार बड़ा ऐलान: अगली कैबिनेट में डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस पर लगेगी रोक, कई मेडिकल कॉलेजों को PPP मोड पर लाने की तैयारी..पॉलिसी बनाने पर काम शुरू, बड़े डॉक्टरों से मांगा गया सहयोग Census 2026 : अब सरकार जानेगी आपकी हर आदत, लिव-इन कपल्स को भी मिलेगा शादीशुदा दर्जा! घर में कितना अनाज यह भी बताना होगा इश्क, इंतकाम और कत्ल… ‘लेडी किलर’ की सनसनीखेज दास्तान, बिहार में दादा-पोती की हत्या का सच उजागर BIHAR NEWS : बिहार पंचायत चुनाव में बड़ा बदलाव! अब सरकारी स्कूल में नहीं होगा यह काम; पंचायती राज विभाग ने जारी किया निर्देश
12-May-2021 10:03 AM
By ALOK KUMAR
BETTIAH : बिहार में कोरोना संक्रमण से स्थिति दिन प्रतिदिन और भयानक होती जा रही है. हर दिन एक के बाद एक दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं. इसके अलावा लोगों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर काफी नाराजगी भी देखने को मिल रही है. इसी कड़ी में बेतिया से एक ऐसा मामला सामने आया जिसे जानकार आप भी हैरान रह जाएंगे. दरअसल, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मंशा टोला के रहने वाले पेशे से ड्राइवर 55 वर्षीय फखरू जमा की मौत कोरोना संक्रमण से हो गई. मौत के बाद जब अस्पताल में किसी भी कर्मचारी ने शव नहीं छुआ तो बेटी ने खुद अपने पिता का शव पैक किया.
बताया जा रहा है कि मृतक के परिजन काफी समय से शव को कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार सौंपने की मांग कर रहे थे. अस्पताल में फखरू जमा की पत्नी, बेटी रेशमा परवीन और पुत्र मो. शिबू मौजूद थे. लगभग छह घंटे तक इंतजार के बाद भी अस्पताल प्रशासन में कोई सुगबुगाहट नहीं देख रेशमा परवीन खुद जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए कंट्रोल रूम में पहुंचीं. वहां पहुंचकर उन्होंने शिकायत दर्ज करायी तो अस्पताल के कर्मियों ने उन्हें शव पैक करने वाला बैग और पीपीई किट थमा दिया.
रेशमा ने अपने भाई मो. शिबू के सहयोग से पिता के शव को बैग में पैक किया. फिर डेडबॉडी को स्ट्रेचर पर रखकर नीचे ले आयी. उसके बाद दोनों भाई- बहनों ने मिलकर शव को एम्बुलेंस में रखा. रेशमा ने बताया कि वे लोग सुबह पांच बजे से परेशान थे. यहां अस्पताल में कोई सुनने वाला नहीं था. मरीज और उनके परिजनों की परेशानियों से अधिकारियों का कोई लेना-देना नहीं है. अंत में थक कर हमलोगों ने खुद अपने पिता के शव को अस्पताल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए बैग में पैक किया.
अब सरकारी एम्बुलेंस से शव को अपने घर मंशा टोला ले जा रहे हैं. वहां कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार किया जाएगा. इधर, इस बाबत पूछे जाने पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रमोद तिवारी ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी पत्रकारों द्वारा ही मिली है. वे खुद मामले की जांच करेंगे. बता दें कि बेतिया में कोरोना का संक्रमण थम नहीं रहा है. जिले में अब तक लगभग 200 से ज्यादा लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है.