ब्रेकिंग न्यूज़

वैशाली में साली से शादी की जिद्द पर मोबाइल टावर पर चढ़ गया युवक, घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामा IIT बिहटा और फाउंडेशन एकेडमी विवाद, CBSE ने तत्काल प्रभाव से स्कूल की मान्यता रद्द किया...जारी हुआ आदेश प्रेमिका से बियाह नहीं होने पर प्रेमी बन गया शोले का वीरू, मोबाइल टावर पर चढ़कर बसंती से शादी की करने लगा जिद्द गर्ल फ्रेंड को बाइक सिखाना पड़ गया महंगा: 70 के स्पीड में प्रेमिका ने ट्रक को ठोका, बाल-बाल बची दोनों की जान मुजफ्फरपुर से लापता बंगाल का मजदूर 6 साल बाद पुणे में मिला, पुलिस ने ऐसे सुलझाई गुत्थी लखीसराय DM मिथिलेश मिश्र का तबादला, ADM नीरज कुमार को मिला अतिरिक्त प्रभार पूर्व DSP गौतम कुमार सस्पेंड: आय से अधिक संपत्ति मामले में सरकार की बड़ी कार्रवाई, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना 25 लाख युवाओं को मुफ्त टैबलेट देगी सरकार, इन अनुबंधकर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला 25 लाख युवाओं को मुफ्त टैबलेट देगी सरकार, इन अनुबंधकर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला LPG यूजर्स ध्यान दें: समय रहते जरूर कर लें AADHAAR से जुड़ा यह जरूरी काम, वरना नहीं बुक होगा गैस सिलेंडर

Home / bihar / CAA के बाद NPR पर भी नीतीश सरकार राजी, बिहार में 15 मई...

CAA के बाद NPR पर भी नीतीश सरकार राजी, बिहार में 15 मई से शुरू हो जायेगा NPR का काम, सुशील मोदी ने कर दिया एलान

04-Jan-2020 03:46 PM

PATNA: बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने NPR को लेकर विपक्षी पार्टियों के विरोध को सिरे से खारिज करते हुए बिहार में 15 मई से NPR का काम शुरू करने का एलान कर दिया है. सुशील मोदी ने चेतावनी दी है कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी ने NPR का काम करने से इंकार किया तो उसकी नौकरी जा सकती है.  डिप्टी सीएम ने ये भी दावा किया है कि बिहार में CAA लागू हो चुका है.



बिहार में 15 मई से तैयार होगा NPR


डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने आज प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि बिहार में 15 मई से 28 मई तक NPR का काम होगा. केंद्र सरकार के फैसले के मुताबिक सारी प्रक्रिया पूरी की जायेगी. उन्होंने विपक्षी पार्टियों के विरोध को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि NPR से कोई राज्य इंकार नहीं कर सकता. अगर किसी सरकारी कर्मचारी ने ये काम करने से इंकार किया को उसकी नौकरी जा सकती है और उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है.


बिहार में कोई शरणार्थी नहीं


सुशील मोदी ने दावा किया कि बिहार में पाकिस्तान, बंग्लादेश और अफगानिस्तान से आये कोई शरणार्थी नहीं है. 1947 में पाकिस्तान से साढ़े तीन लाख हिन्दू शरणार्थी बिहार आये थे, उन्हें राज्य सरकार बिहार में बसा चुकी है. 1964 में म्यांमार से भी बड़ी संख्या में हिन्दू शरणार्थी बिहार आये थे, जिन्हे कटिहार, पूर्णिया, अररिया और समस्तीपुर में जमीन देकर बसाया जा चुका है. लिहाजा अब बिहार में ऐसा कोई शरणार्थीं नहीं बचा है जिसे नागरिकता देने की जरूरत है. ऐसे में बिहार पर नागरिकता संशोधन विधेयक CAA  का कोई प्रभाव नहीं पडने वाला है.


बिहार के डिप्टी सीएम ने कहा कि बिहार में पहले ही बस चुके शरणार्थी हिन्दू परिवारों का सर्वेक्षण 2009 में राज्य सरकार ने करायाथा. ज्यादातर शऱणार्थी अनुसूचित जाति और अत्यंत पिछड़े वर्ग के थे. फिलहाल बिहार में कोई शरणार्थी नहीं है. फिर राजद, कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों ने जान बूझ कर बिहार में तनाव पैदा किया और हिंसा फैलायी.