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28-Jan-2026 01:52 PM
By First Bihar
CO corruption case : बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोपों में घिरे एक अंचल अधिकारी (CO) पर बड़ी कार्रवाई की है। लगातार मिल रही शिकायतों और प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए मंत्री ने संबंधित CO को तत्काल प्रभाव से “ऑन सपोर्ट” हटाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही विभागीय सचिव को स्पष्ट आदेश दिया गया है कि आरोपी अधिकारी को मौजूदा पद से हटाकर उसके खिलाफ विधिसम्मत विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए।
जानकारी के अनुसार, संबंधित CO पर सबसे पहले अपने निजी गार्ड के माध्यम से 25 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा था। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन से जुड़े एक मामले के निपटारे के एवज में यह राशि मांगी गई और गार्ड के जरिए ली भी गई। मामला सामने आने के बाद भी CO ने न तो कोर्ट के आदेश का पालन किया और न ही शिकायतकर्ता को न्याय दिलाने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया। इससे आक्रोशित होकर पीड़ित ने उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया कि CO भू-माफियाओं को खुला संरक्षण देते हैं और जमीन से जुड़े कई मामलों में जानबूझकर गड़बड़झाला करते हैं। आरोप है कि वैध कागजात होने के बावजूद फाइलें लंबित रखी जाती हैं, जबकि भू-माफियाओं के पक्ष में नियमों को ताक पर रखकर फैसले किए जाते हैं। इतना ही नहीं, यह भी कहा गया कि CO खुद मोबाइल फोन के जरिए शिकायतकर्ताओं को कॉल कर पैसों की डिमांड करते थे और दबाव बनाते थे।
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब एक से अधिक शिकायतें विभाग तक पहुंचीं। अलग-अलग लोगों ने लिखित और मौखिक रूप से आरोप लगाए कि CO की कार्यशैली पूरी तरह से संदिग्ध है और उनके कार्यकाल में जमीन से जुड़े विवाद बढ़े हैं। कई मामलों में कोर्ट के आदेशों की अवहेलना का भी आरोप लगाया गया, जिससे सरकार और प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचा है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा इन दिनों भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं। जनसंवाद कार्यक्रमों और समीक्षा बैठकों में वे साफ शब्दों में कह चुके हैं कि विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, दलाली या भू-माफिया से सांठगांठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में उन्होंने विभागीय सचिव को निर्देश दिया कि संबंधित CO को तत्काल यहां से हटाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विभागीय स्तर पर प्रारंभिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही CO से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। जांच में रिश्वतखोरी, पद के दुरुपयोग और भू-माफियाओं को संरक्षण देने जैसे बिंदुओं पर विशेष फोकस किया जाएगा। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो निलंबन के साथ-साथ बर्खास्तगी तक की कार्रवाई भी संभव है।
इस कार्रवाई के बाद विभागीय हलकों में हड़कंप मच गया है। आम लोगों और जमीन से जुड़े मामलों में वर्षों से परेशान रहे पीड़ितों ने मंत्री के इस कदम का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह ईमानदार और सख्त कार्रवाई होती रही तो जमीन से जुड़े विवादों और भ्रष्टाचार पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।फिलहाल पूरे मामले पर विभाग की नजर बनी हुई है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद तय की जाएगी।