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मातम में बदली खुशियां: शादी की तैयारियों के बीच किसान ने गंवाए दोनों हाथ, आनेवाली थी बेटी की बारात

Bihar News: मुजफ्फरपुर में बेटी की शादी से पहले पिता के साथ दर्दनाक हादसा हो गया. थ्रेशर मशीन में फंसकर किसान ने अपने दोनों हाथ गंवा दिए. इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated Apr 08, 2026, 12:19:16 PM

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प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Bihar News: मुजफ्फरपुर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक गरीब किसान की खुशियां पल भर में मलबे में तब्दील हो गईं। अहियापुर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में सोमवार देर रात गेहूं की दौनी के दौरान एक दर्दनाक हादसे में 40 वर्षीय किसान राजीव कुमार सहनी ने अपने दोनों हाथ गंवा दिए। यह हादसा उस वक्त हुआ जब घर में बड़ी बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं।


जानकारी के अनुसार, राजीव कुमार सहनी ने गांव के ही एक व्यक्ति के खेत को बटाई पर लेकर गेहूं की खेती की थी। सोमवार की रात वह थ्रेशर मशीन से गेहूं की दौनी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ा और दोनों हाथ थ्रेशर की चपेट में आ गए। जब तक आसपास मौजूद लोग मशीन बंद करते और उन्हें बाहर निकालते, तब तक मशीन ने उनके दोनों हाथों को बुरी तरह काट दिया था। 


चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में उन्हें थ्रेशर से बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गंभीर हालत में श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल वह इमरजेंसी वार्ड में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।


पीड़ित की पत्नी किरण देवी ने रुआंसे स्वर में बताया कि उनका परिवार पूरी तरह राजीव की मजदूरी पर निर्भर है। उनके पांच बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और दो बेटे शामिल हैं। सबसे दुखद पहलू यह है कि आगामी 10 मई को उनकी बड़ी बेटी की शादी तय है। घर में शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं और राजीव दिन-रात मेहनत कर पैसे जुटाने में लगे थे। इस हादसे ने न केवल उनके शरीर को अपाहिज कर दिया, बल्कि पूरे परिवार के भविष्य पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।


हादसे के बाद बहादुरपुर गांव में सन्नाटा पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। किरण देवी ने जिला प्रशासन और सरकार से मुआवजे की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा, "पति के दिव्यांग होने से अब परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई मुश्किल हो जाएगी। अगर सरकार से कुछ आर्थिक मदद मिल जाए, तो शायद बेटी की शादी समय पर संपन्न हो सके।" डॉक्टरों ने किसान की हालत गंभीर बताई है। ग्रामीण अब एकजुट होकर पीड़ित परिवार के लिए सहायता की मांग कर रहे हैं।