मुकेश सहनी ने दी रामनवमी की शुभकामनाएं, कहा - श्रीराम का चरित्र देता है जीवन में सही राह... BIHAR POLICE : गोली चलाने वाले 'थानेदार' को पुरस्कार...9 अप्रैल को 'मेडल', विवाद बढ़ा तो वीर पशुपति मेडल देने का आदेश लिया गया वापस Bihar news : फ्लाइओवर पर तेज रफ्तार से हादसा! दो युवकों की जान गई, सड़क पर लापरवाही ने मचाया कहर Summer Vacation in Himachal: भीड़ से दूर छिपी एक जादुई झील… जहां पहुंचते ही लगेगा जैसे किसी सपनों की दुनिया में आ गए हों IPL 2026 : ओपनिंग सेरेमनी रद्द, रंगारंग कार्यक्रम के बिना होगा धमाकेदार सीजन का आगाज! जानिए BCCI ने क्यों किया यह बदलाव ‘लंबे इंतजार के बावजूद भी नहीं मिल रहा LPG सिलेंडर…’, अब बुकिंग एजेंसी के पास जाकर किया हंगामा; लगाया यह आरोप IRCTC Down : अगर आप ट्रेन से सफर करने वाले हैं तो ध्यान दें! IRCTC सेवाएं 26-27 मार्च को 5 घंटे तक रहेंगी डाउन, आखिरी समय की बुकिंग पर भारी असर! क्या था ‘ऑपरेशन सिंदूर’? अब बड़े पर्दे पर सामने आएगी पूरी सच्चाई, विवेक अग्निहोत्री ने किया फिल्म का ऐलान Bihar crime news : पल्सर बाइक सहित युवक को किया आग के हवाले, पूरे गांव में सनसनी Bihar road project : मुंगेर-मिर्जा चौकी दो-लेन सड़क इस महीने तक होगी तैयार, जाम और ट्रैफिक की परेशानी होगी खत्म!
26-Mar-2026 11:24 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के सहरसा जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्य गए मजदूरों पर कहर टूट पड़ा। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक कोल्ड स्टोरेज की इमारत गिरने से सहरसा के तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।
मृतकों में सलखुआ प्रखंड के बलियार मुसहरी वार्ड संख्या 7 निवासी 28 वर्षीय ज्योतिष सादा भी शामिल हैं। ज्योतिष अपने परिवार के सबसे बड़े बेटे थे और उनके ऊपर पूरे घर की जिम्मेदारी थी। उनके परिवार में पत्नी रीता देवी, ढाई साल की बेटी सोना परी और महज एक महीने का दूधमुंहा बेटा दीवाना सादा है। उनकी मौत के बाद जब शव गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में कोहराम मच गया।
सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब पत्नी रीता देवी ने ही अपने पति को मुखाग्नि दी। घर में कोई बड़ा पुरुष सदस्य नहीं होने के कारण उन्होंने यह जिम्मेदारी निभाई। पति की मौत के गम में वह इस कदर टूट चुकी हैं कि लगातार रोने से उनकी आवाज तक बैठ गई है।
परिजनों के अनुसार, ज्योतिष सादा ने गरीबी और मजबूरी के कारण गांव के ठेकेदार से कर्ज लिया था। उस समय उनकी पत्नी गर्भवती थीं और डिलीवरी के लिए पैसों की जरूरत थी। उन्होंने मजदूरी कर कर्ज चुकाने का वादा किया और इसी उम्मीद में प्रयागराज कमाने चले गए थे, जहां उन्हें 10 से 12 हजार रुपये महीने मिलने की बात कही गई थी।
हादसे के दिन भी ज्योतिष ने अपनी पत्नी से बात की थी। उन्होंने बताया था कि बच्चे की तबीयत खराब है तो उसे नजदीकी क्लीनिक में दिखा दें। पत्नी बच्चे को लेकर डॉक्टर के पास गई भी, लेकिन करीब एक घंटे बाद जब उसने दोबारा फोन किया तो मोबाइल बंद मिला। कुछ ही देर में यह दुखद खबर मिली कि उनके पति की मौत हो चुकी है।
इस हादसे में 20 वर्षीय मशीन्द्र सादा की भी मौत हो गई। वह छह भाइयों में तीसरे स्थान पर थे और घर के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मां फूलों देवी ने बताया कि अभी उनके पति की मौत को एक साल भी नहीं हुआ था और अब बेटे के जाने से पूरा परिवार बिखर गया है। वह कहती हैं कि अब परिवार चलाने के लिए उन्हें दूसरों के घरों में काम करना पड़ेगा।
फूलों देवी ने यह भी बताया कि उनका गांव कभी कोसी नदी के कटाव में बह गया था, जिसके बाद वे लोग तटबंध के किनारे आकर बस गए। सरकारी जमीन पर रहने के कारण उन्हें न तो किसी योजना का लाभ मिल पाया और न ही बिजली जैसी बुनियादी सुविधा मिल सकी। अब बेटे की मौत के बाद उनके सामने जीवन यापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
इसी हादसे में तीसरे मृतक 35 वर्षीय सनोज चौधरी थे, जो पिपरा गांव के रहने वाले थे। उनके 12 वर्षीय बेटे शिवम कुमार ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। सनोज के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं और पूरे परिवार का खर्च उन्हीं की कमाई से चलता था। अब उनके जाने के बाद परिवार पूरी तरह असहाय हो गया है।
इस हादसे ने सहरसा के कई परिवारों को उजाड़ दिया है। एक ही घटना में कई घरों के चूल्हे बुझ गए हैं। गांव में हर तरफ मातम पसरा हुआ है और लोग इस दर्दनाक घटना को लेकर स्तब्ध हैं।